सहारनपुुर। ग्राम पंचायतों में कोरोना काल के दौरान कोविड और सफाई किट खरीद में धांधली के आरोप के बाद मामले में जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। विभाग से अभिलेख लेकर जांच शुरू कर दी गई है। तीन दिन के अंदर टीम को रिपोर्ट देनी है।
शुक्रवार को जिलाधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के उपनिदेशक शरद प्रकाश श्रीवास्तव, मनरेगा उपायुक्त अरुण कुमार उपाध्याय और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया। कमेटी ने शुक्रवार को कोविड और सफाई किट खरीद से संबंधित अभिलेख जिला पंचायत राज विभाग से लिए। शनिवार को टीम ग्राम पंचायतों में जाकर जानकारी करेगी कि किस-किस ग्राम पंचायत को कोविड और सफाई किट कितने-कितने रुपये के भुगतान के बाद मिली या नहीं मिली है। डीएम ने बताया कि जांच कमेटी गठित की गई। टीम तीन दिन में रिपोर्ट देगी।
शासन ने लिया संज्ञान
सहारनपुर। पंचायत राज विभाग के उपनिदेशक हरिकेश बहादुर ने बताया कि मामले में शासन ने संज्ञान लिया है। जिला स्तरीय कमेटी गठित हुई है, जिसने जांच शुरू कर दी है। शासन के निर्देशानुसार उन्होंने नानौता पहुंचकर फर्म कार्यालय की जांच की थी। क्योंकि, आरोप था कि फर्म का कोई कार्यालय नहीं है, लेकिन मौके पर कार्यालय और कर्मचारी मिले थे। इसकी रिपोर्ट उन्होंने शासन को भेजी है।
डीपीआरओ नहीं करेंगे जांच
सहारनपुर। कोविड और सफाई किट खरीद में गड़बड़झाला होने की शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत अधिकारी से तत्काल प्रभाव से जांच कराकर रिपोर्ट मांगी थी। मामले को लेकर अधिकारियों में खलबली मची रही। विभागीय सूत्र बताते हैं कि डीपीआरओ रिपोर्ट नहीं दे पाए। इसके बाद जांच कमेटी का गठन हुआ है।
यह है मामला
भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक रामपाल सिंह पुंडीर ने धांधली होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री शिकायत की। आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों में जिला पंचायत राज अधिकारी ने सफाई किट 5200 रुपये में खरीदवाकर भुगतान कराया है। बिल डिजिटल इंडिया कांट्रेक्टर एंड सप्लायर्स के नाम से दिया गया है, जिसके कार्यालय का पता नानौता किसान इंटर कॉलेज के पास दिखाया गया है, लेकिन वहां कोई कार्यालय नहीं है। इसी तरह कोविड किट, जिसमें इंफ्राइड थर्मामीटर, जिसकी कीमत बिल में 2270 रुपये दिखाई गई है और पल्स ऑक्सीमीटर, जिसकी कीमत 1920 रुपये बताई गई है। प्रत्येक कोविड किट की कीमत 4190 रुपये दिखाई गई। इसका भुगतान भी करा दिया गया, जबकि शासन का स्पष्ट आदेश है कि कोविड किट 2800 रुपये अधिक में नहीं खरीदी जाएगी।