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दल बदला, पर नहीं बदली किस्मत

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सहारनपुर। विधानसभा चुनाव से पहले दल बदलने वाले जनपद के नेताओं को जनता ने नकार दिया है। टिकट के लिए दूसरी पार्टियों में शामिल होने वाले प्रत्याशियों में से एक भी नहीं जीत सका है। इनमें योगी सरकार में मंत्री रहे डॉ. धर्म सिंह सैनी से लेकर कांग्रेस के टिकट पर पिछले विधानसभा चुनाव में बेहट से विधायक बने नरेश सैनी तक शामिल हैं। इसके अलावा चुनाव से पहले दल बदलने वालों में पूर्व विधायक जगपाल सिंह, साहिल खान, नोमान मसूद, विवेक कांत, मनीष अरोड़ा भी शामिल हैं। इन सभी को भी हार का मुंह देखना पड़ा है।
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जनपद के मतदाताओं ने चुनाव से पहले राजनीतिक दल बदलने वालों को नकार दिया है। चुनाव से ठीक पहले प्रदेश सरकार में आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे डॉ. धर्म सिंह सैनी चुनाव से ऐन पहले सपा में शामिल हुए। सपा ने उन्हें नकुड़ विधानसभा सीट से टिकट दिया, लेकिन पिछली बार कांग्रेस के दिग्गज नेता और अब सपा में शामिल इमरान मसूद को हराने वाले डॉ. धर्म सिंह सैनी को भाजपा के मुकेश चौधरी ने मात्र 155 वोटों के अंतर से हरा दिया।
नकुड़ सीट पर ही टिकट कटने के चलते पर साइकिल छोड़ हाथी पर सवार हुए साहिल खान भी चुनाव में खास करिश्मा नहीं दिखा पाए। उन्हें तीसरे नंबर से ही संतोष करना पड़ा। पिछले चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर विजयी रहे विधायक नरेश सैनी इस बार भाजपा के टिकट पर बेहट विधानसभा सीट से ही चुनाव हार गए। उन्हें सपा के उमर अली खान ने पराजित किया। बसपा के टिकट पर कई बार विधायक रहे एवं इस बार पाला बदलकर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े जगपाल सिंह को भी सहारनपुर देहात सीट पर हार का सामना करना पड़ा। रामपुर मनिहारान विधानसभा सीट से बसपा के दो बार विधायक रहे रविन्द्र मोल्हू ने पिछला चुनाव हारने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया था, लेकिन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने फिर से घर वापसी की और बसपा से चुनाव लड़ा। उन्हें भी पिछले बार थोडे़ से अंतर से चुनाव हराने वाले भाजपा के देवेंद्र निम ने इस बार बड़े अंतर से हरा दिया। कांग्रेस छोड़कर पहले रालोद और फिर बसपा में जाने वाले नोमान मसूद भी इस बार गंगोह विधानसभा सीट पर तीसरे नंबर रहे। यही स्थिति कांग्रेस छोड़कर सहारनपुर नगर से चुनाव लड़ने वाले मनीष अरोड़ा और रालोद के टिकट पर रामपुर मनिहारान से चुनाव लड़ने वाले विवेक कांत की भी रही। इन दोनों को भी हार का सामना करना पड़ा है।
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