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जुर्माने और भारी आयकर भरने के निर्देश से शिक्षकों में हड़कंप, लिपिकों की लापरवाही को ठहराया जिम्मेदार

Tue, 07 Jul 2020 05:32 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में लेखाधिकारी कार्यालय द्वारा बेसिक शिक्षकों की सूची तैयार की गई है, जिसमें शिक्षकों पर जुर्माना लगाने के साथ ही अधिक आयकर भरने के निर्देश दिए गए हैं। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने इस पर आपत्ति जताई है। संगठन ने आयकर को भारी भरकम बताया है। इसके लिए लिपिकों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।

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बीएसए को लिखे पत्र में जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने कहा है कि ब्लॉक स्तर पर तैनात लिपिक लगातार लापरवाही बरतते आ रहे हैं, जिसका खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। इस संबंध में कई बार बीएसए को ज्ञापन देकर सुधार कराने की मांग की गई है, मगर व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। वर्तमान में लेखाधिकारी की ओर से शिक्षकों की सूची बनाई गई है, जिन पर जुर्माना लगाने के साथ ही भारी भरकम आयकर भरने के निर्देश दिए गए हैं जो ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने दो-दो बार अपने कागज बीआरसी पर जमा कराए हैं। लापरवाही लिपिकों ने की है, जुर्माना शिक्षकों पर लगाया जा रहा है। इसी प्रकार मानव संपदा पर भी शिक्षकों का डाटा सही तरीके से फीड नहीं किया जा रहा है। शिक्षक कई कई घंटे बीआरसी पर बैठकर लौट रहे हैं। लेखाधिकारी द्वारा प्रत्येक माह की 24 तारीख तक वेतन के बिल जमा कराने के निर्देश हैं, मगर बिलों के संशोधन और भेजने में लगातार देरी की जाती है। उन्होंने समस्याओं के निस्तारण की मांग बीएसए से की है।
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उधर, बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से सभी कार्य प्रभावित हुए हैं। ऐसे में केवल लिपिकों पर दोष देना ठीक नहीं है। यदि फिर भी किसी स्तर पर लापरवाही हो रही है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षकों को लेकर चिंतित नहीं सरकार
प्रगतिशील शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष रजनीश चौहान ने अनलॉक-2 में माध्यमिक विद्यालयों को शिक्षकों के लिए खोलने पर आपत्ति व्यक्त की है। उनका कहना है कि सरकार शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं है। यदि स्कूल में ड्यूटी करते हुए किसी शिक्षक के साथ अनहोनी घटना घटती है तो इसके लिए विद्यालय और सरकार जिम्मेदार होगी। इस पर संगठन चुप नहीं बैठेगा।

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