सहारनपुर। कोरोना काल में चाय की चुस्की बढ़ी तो दामों में भी उछाल आ गया। चाय पत्ती के दाम में 70 से 90 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है। दाम बढ़ने की वजह खपत बढ़ना और आसाम सहित अन्य स्थानों से श्रमिकों का पलायन माना जा रहा है।
देश में 22 मार्च को लॉकडाउन लगा। उसके बाद जैसे जैसे संक्रमितों की संख्या बढ़ी, वैसे ही संक्रमण से बचाव के उपाय भी लोगों ने बढ़ा दिए। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गर्म पानी, काढ़ा और चाय का सेवन भी खूब किया गया। यही वजह है कि चाय पत्ती की खपत बढ़ गई।
कोर्ट रोड चाय पत्ती के थोक कारोबारी एसएम जोशी ने बताया कि मार्च से पहले और उसके बाद चाय पत्ती की बिक्री में काफी इजाफा हुआ है। चाय के दाम में 70 से 90 रुपये प्रतिकिलो का उछाल आया है। मोरगंज बाजार के थोक कारोबारी राजेश कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आसाम में चाय के बगानों में काम करने वाले लोगों में कमी आई है, जिस कारण चाय की खेती प्रभावित हुई है। खपत बढ़ने और खेती कम होने की वजह से भी दाम बढ़ोत्तरी हुई है। अगले दो महीनों में चाय के दाम कम होने की उम्मीद है।
लॉकडाउन में मिली छूट में खत्म हुआ था स्टॉक
सहारनपुर। लॉकडाउन से पूर्व व्यापारियों ने चाय का स्टॉक किया था, जो छूट मिलने के दौरान बिक गया। इसके बाद से अलग-अलग कंपनी की चाय पत्ती के जो पैकेट आए, उनके दाम मार्च की अपेक्षा अब 70 से 90 रुपये बढ़े हुए हैं। खुली चाय पत्ती के दाम भी इसी तरह बढ़े हैं।
कोरोना में स्वास्थ्य के लिए चाय फायदेमंद
सहारनपुर। चिकत्सिकों के अनुसार बदलते मौसम और कोरोना संक्रमण को देखते हुए चाय और गर्म पानी का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। डाक्टर बलजीत मनचंदा और वरिष्ठ फिजीशियन डाक्टर संजीव मिगलानी का कहना है कि लोगों को रोगओप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गर्म पानी और चाय का नियमित सेवन करना चाहिए।
एक नजर चाय के कारोबार पर
-- थोक कारोबारी करीब -- 30
-- फुटकर कारोबारी -- 150 से अधिक
-- मार्च माह की खपत करीब - 1.20 लाख किलो
-- अनलॉक के बाद से हर माह की खपत 1.40 से 1.50 लाख किलो
-- खुली और पैकिंग चाय में 70 से 90 रुपये प्रति किलो तक बढ़े दाम
-- एक माह में पांच करोड़ का कारोबार, साल में 40 करोड़ व्यापार