सहारनपुर। जिले में टीबी रोगियों को पोषण के लिए दी जाने वाली धनराशि पांच महीने से नहीं मिल रही है। पहले ही आर्थिक तंगी व बीमारी से जूझ रहे रोगियों की परेशानी और बढ़ गई है। इलाज के दौरान बेहतर खानपान न होने से संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बजट और पोर्टल में बदलाव के कारण भुगतान नहीं होने की बात कही है।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार की ओर से टीबी मरीजों को इलाज के दौरान हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। जिले में टीबी जांच और इलाज के लिए 26 केंद्र स्थापित हैं। इन केंद्रों पर मरीजों की जांच के बाद टीबी की पुष्टि होने पर उनका पंजीकरण निक्षय पोर्टल पर किया जाता है। टीबी का इलाज छह से नौ महीने तक चलता है। इस दौरान मरीजों को नियमित रूप से दवाएं लेनी होती हैं। इसके साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार भी जरूरी होता है। टीबी मरीज पांच महीने से पोषण भत्ते की राशि के लिए जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। वहां भी सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है।
फैक्ट फाइल
टीबी अस्पताल की ओपीडी - 80 से 100 मरीज प्रतिदिन
जिले में टीबी के मरीज - 7000 से अधिक
एमडीआर के मरीज - करीब 265
टीबी जांच व इलाज के केंद्र - 26
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पोषण राशि भुगतान के लिए अभी तक बजट जारी नहीं हुआ है। इसके अलावा इस राशि को भेजने के लिए पोर्टल में बदलाव हुआ है। बजट के अभाव में फिलहाल भुगतान नहीं हो पाया है। बजट जारी होते ही टीबी मरीजों के खातों में पोषण राशि भेज दी जाएगी।
डॉ. सर्वेश कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी