रामपुर मनिहारान के इस्लामनगर गांव में जियाउर्रहमान हत्याकांड 
सहारनपुर। रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के इस्लामनगर गांव में ढाई साल पहले हुए जियाउर्रहमान हत्याकांड के मामले में बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस हत्याकांड को ऑनर किलिंग बताया। आदेश दिए कि यह मामला गैर इरादतन हत्या की बजाय हत्या की धारा में तब्दील कर दोबारा आरोप तय किए जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट पर भी टिप्पणी की है।
याचिकाकर्ता अय्यूब अली ने ट्रायल कोर्ट में अपील दायर की थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि अय्यूब अली के बेटे जियाउर्रहमान पर उसकी प्रेमिका के रिश्तेदारों ने हमला कर दिया था, जिसमें जियाउर्रहमान की मौत हो गई थी। उसके बेटे की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह दूसरे समुदाय की लड़की से प्यार करता था।
दलीलों के बावजूद ट्रायल कोर्ट ने केवल धारा 304 आईपीसी के तहत आरोप तय किए थे। हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के इस फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी।
बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति पीवी संजय कुमार की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य रिकॉर्ड में न्यूरल हेमेटोमा और अन्य घातक चोटों का उल्लेख है।
इसे ऑनर किलिंग का स्पष्ट मामला बताते हुए पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट के आदेशों को खारिज कर दिया। आदेश दिया कि नए सिरे से हत्या की धारा के तहत नए सिरे से आरोप तय किए जाएं। उसी के अनुसार मुकदमा आगे बढ़ाया जाए। डीजीपी को निर्देश दिए कि दो माह के अंदर बंद लिफाफे में रिपोर्ट दी जाए।