छुटमलपुर। करीब बीस दिन पहले झगड़ा होने के बाद मीनू अपने मायके वालों के साथ छुटमलपुर आ गई थी। इस बीच तीन से चार बार सन्नी उसे घर ले जाने के लिए आया, लेकिन उसने जाने से मना कर दिया। इसी बात से सन्नी नाराज चल रहा था। 14 साल पहले दोनों ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। पहली बार ऐसा झगड़ा हुआ था कि मीनू मायके आई।
पुलिस पूछताछ में पति ने बताया कि पत्नी के घर न लौटने पर आपा खो बैठा। उसने उसे मौत के घाट उतार दिया। इस हत्याकांड के बाद उसके चार बच्चे बेसहारा हो गए हैं। दंपती के चार बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी रिया 13 साल, उससे छोटी बेटी चारू 11, बेटा अक्षय आठ और सबसे छोटा बेटा छोटू छह साल का है। बच्चे समझ ही नहीं पा रहे हैं कि अचानक से उनके पिता को क्या हो गया जो उन्होंने उनके सिर से मां का साया छीन लिया। मां की हत्या के बाद पिता जेल चले गए। पिता के परिवार और ननिहाल की आर्थिक स्थिति भी ज्यादा अच्छी नहीं है। सभी मजदूरी करते हैं। ऐसे में बच्चों की परवरिश कैसे होगी यह बड़ा सवाल है।
मृतका की बहन दीपा ने बताया कि सन्नी दो दिन पहले भी शाम के समय शराब के नशे में उसके पति के साथ छुटमलपुर घर पर आया था। उस समय उसके पिता ने उसे अंदर नहीं आने दिया था और धमका कर भगा दिया था। इसके बाद वह बुधवार को पूरी तैयारी के साथ आया था। उसे पता था कि घर पर कोई नहीं मिलेगा। ऐसे में वह आसानी से हत्याकांड को अंजाम देकर चला गया। मृतका के भाई अंकित ने बताया कि उसका जीजा सन्नी दो-तीन बार उसकी बहन को लेने आया था, लेकिन वह नहीं गई थी।
-
छोटे बेटे के साथ रहता है मृतका का पिता
मृतका के पिता बालकिशन अपने छोटे बेटे अंकित के साथ अलग मकान में रहते हैं। बालकिशन एक दुकान पर बोरी सिलने का काम करते हैं, जबकि बालकिशन की पत्नी सीसा देवी फैक्टरी में काम करने जाती है। अंकित भी मजदूरी करता है। अंकित का दूसरा भाई पड़ोस में अलग मकान में अपने परिवार के साथ रहता है।