सहारनपुर। गर्मी में लोगों को बीमारियों ने घेर लिया है। किसी को वायरल बुखार, खांसी, जुकाम तो कोई डायरिया की चपेट में है। जिला अस्पताल में गले और मुंह के छाले से संबंधित मामले भी आ रहे हैं। गले में दर्द होना, आवाज अचानक से बदल जाने की समस्या बढ़ रही है।
एसबीडी जिला अस्पताल में ईएनटी की ओपीडी में पहले 80 से 90 मरीज आ रहे थे। अब 150 तक ओपीडी पहुंच गई है। ईएनटी डॉ. अनुज कुमार ने बताया कि ओपीडी में 20 से 25 मामले केवल गले से संबंधित आ रहे हैं जिसमें सूखी खांसी के मामले भी काफी देखने को मिल रहे हैं। इसके साथ ही मुंह में छाले और गले में दर्द की शिकायत मिल रही है, जिसका कारण डिहाइड्रेशन भी है। इसके अलावा खानपान और बढ़ता प्रदूषण भी है। उन्होंने बताया कि गर्मी का असर सिर्फ शरीर के बाहरी अंगों पर ही नहीं, बल्कि अंदरूनी अंगों पर भी पड़ता है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों में गले की समस्या तेजी से फैल रही है, क्योंकि इनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
बोले मरीज
- सुनील कुमार ने बताया कि तेज गर्मी और बदलते मौसम के कारण तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद गले और कान में दर्द हुआ। दवाई के लिए जिला अस्पताल आया हूं।
- आफताब ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही थी। पहले तो लगा कि अधिक ध्यान देने की जरूरत नहीं, लेकिन जब गले में दर्द होने लगा तो डॉक्टर को ओपीडी में दिखाया है।
- कंवरपाल ने बताया कि पिछले दिनों तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते बुखार हो गया। साथ में खांसी भी रही। जब आराम नहीं मिला तो जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाकर दवाई ली है।
ऐसे करें बचाव :
- गले में इंफेक्शन से राहत के लिए दिन में तीन-चार बार गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।
- अदरक के रस में शहद मिलाकर दिन में दो बार चाटें।
- गुनगुना पानी, सूप और चाय आदि तरल पदार्थ लेते रहें।
- बहुत ज्यादा ठंडी, तली हुई, मसालेदार या खट्टी चीजें न खाएं।
- कैफीन और शराब का सेवन कम करें, इससे गले में सूखापन बढ़ सकता।