मंडल की शुगर मिलों को 31 अक्तूबर तक चलवाने की तैयारी
सहारनपुर। मंडल की शुगर मिलों को समय से चलाने की कवायद शुरू हो गई हैं। उम्मीद है कि 31 अक्तूबर तक मंडल की अधिकांश शुगर मिलों में पेराई सत्र शुरू हो जाएगा। मंडल में करीब 3.17 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल है। जबकि 2720 लाख क्विंटल गन्ने का अनुमानित उत्पादन माना जा रहा है। शुुगर मिलों ने समय से पेराई सत्र आरंभ किया तो किसानों को गेहूं की बुआई में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
शुगर मिलों ने 31 अक्तूबर से पहले पेराई सत्र प्रारंभ करने की कवायद शुरू कर दी। इसके चलते अधिकांश शुगर मिलों में मरम्मत आदि कार्य अपने अंतिम चरण में हैं। गन्ना विभाग के अधिकारी भी मिलों में जाकर बॉयलर, मशीन हाउस, टरबाईन की स्थिति की जानकारी कर रहे हैं। शुगर बाउल के नाम से ख्यात मंडल में इस बार तीन लाख 17 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती है। गन्ने का अनुमानित उत्पादन 2720 लाख क्विंटल माना जा रहा है। इसमें से 55 से 60 प्रतिशत तक गन्ना शुगर मिलों को सप्लाई किया जाता है। करीब 15 फीसदी गन्ना बीज के काम आता है। इसके अतिरिक्त गन्ना गुड़, खांड़ बनाने से लेकर जूस में काम आता है। इसलिए गन्ना विभाग शुगर मिलों में समय पेराई शुुरू करने की कवायद में जुटा है। उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा की प्राथमिकता 31 अक्तूबर तक शुगर मिलों को चलवाने की है। इसके लिए मंडल की चीनी मिलों के प्रबंधकों ने भी भरोसा दिलाया है। 20 अक्तूबर तक मिलों में ट्रायल की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। अधिकांश मिलों में मरम्मत का कार्य अंतिम चरण में हैं। 31 अक्तूबर तक मंडल में मिलों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।