सहारनपुर। परिषदीय विद्यालयों में नए सत्र से पढ़ाई के साथ साफ-सफाई का भी एक क्लास चलेगा। यह 15 से 20 मिनट का होगा। इसमें विद्यार्थी खुद की साफ-सफाई के साथ अपने विद्यालय और आस पड़ोस की साफ सफाई करेंगे। मेरा विद्यालय-स्वच्छ विद्यालय नाम से यह मुहिम चलाई जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से विद्यालयों को इसके लिए पत्र भी जारी कर दिया गया है।
नई शिक्षा नीति के तहत मौलिक अधिकारों, नागरिकता कौशल, जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत साफ-सफाई की कमान विद्यार्थी संभालेंगे। कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए इसमें शामिल होना अनिवार्य रहेगा। इसके तहत विद्यार्थियों को 15 से 20 मिनट तक रोजाना सफाई करनी होगी। मेरा विद्यालय, स्वच्छ विद्यालय कार्यक्रम चलाया जाएगा। बच्चों के अलावा शिक्षक भी इस काम में हिस्सा लेंगे। वह ना केवल विद्यार्थियों को साफ-सफाई का अभ्यास कराएंगे, बल्कि खुद सफाई में उनका मार्गदर्शन करेंगे। इसके लिए वह विद्यार्थियों के समूह भी तैयार करेंगे।
जनपद में 1438 परिषदीय विद्यालय
सहारनपुर में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कुल संख्या 1438 है। इनमें करीब एक लाख 25 हजार विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। इनमें भी कक्षा छह से आठ के विद्यार्थियों की संख्या करीब 60 हजार है। यानी 60 हजार विद्यार्थी साफ-सफाई से जुड़ेंगे।
अब सफाई कराने पर नहीं उठेंगे सवाल
अभी तक विद्यालयों में बच्चों से झाड़ू लगवाने को बुरा माना जाता था। सोशल मीडिया पर बच्चों से झाड़ू लगवाने की फोटो वायरल होने पर विभागीय अधिकारियों के द्वारा संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की जाती रही है। अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने बच्चों के मन में स्वच्छता की अलख जगाने के लिए इसे अनिवार्य कर दिया है।
सरकार ने नई शिक्षा नीति के साथ सफाई को भी अनिवार्य रूप से जोड़ा है। निश्चित रूप से यह कदम आने वाले समय में स्वच्छता के प्रति बच्चों के मन और विद्यालयों के हालातों में परिवर्तन लेकर आएगा। फिलहाल सप्ताह में एक दिन सफाई सिखाने और कराने के लिए पत्र जारी किया गया है।
-रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।