सहारनपुर। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2000 के बाद मैनेजमेंट कोटे से शिक्षकों की भर्ती को रद्द करते हुए परीक्षा के आधार पर भर्ती कराने का कोर्ट ने आदेेश दिया है। इससे जनपद के सभी अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेजों के शिखकों को हड़कंप मच गया है। उधर डीआईओएस कार्यालय ने भी ऐसे शिक्षकों का रिकॉर्ड जुटाना शुरू कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 2000 के बाद भर्ती शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द करने के साथ ही रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कालेजों में वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को भर्ती में वरीयता देने और चयनित होने पर पुरानी सर्विस को जोड़ने के भी निर्देश दिए हैं। जिससे उन्हें पेंशन इत्यादि मिलने में दिक्कत न हो। शिक्षकों की पुरानी सर्विस का सत्यापन कराने का जिम्मा राज्य सरकार का होगा। जो शिक्षक परीक्षा के आधार पर चयनित नहीं हो पाएंगे, उन्हें बाहर करने को कहा गया है। जुलाई 2021 तक शिक्षकों के खाली सभी पद भरे जाने और भविष्य में इन शिक्षकों की व्यवस्था खत्म करने के भी निर्देश दिए गए हैं। जनपद में कुल 81 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें हलचल शुरू हो गई है।
सहायता प्राप्त विद्यालयों की स्थिति
सहारनपुर नगर तहसील - 33
देवबंद तहसील - 13
रामपुर मनिहारान तहसील - 12
नकुड़ तहसील - 12
बेहट तहसील - 11
- कोर्ट के फैसले के बाद शासन स्तर पर अध्ययन शुरू कर दिया है। हम भी अपने स्तर से विद्यालयों से शिक्षकों की भर्ती संबंधी और रिक्त पदों के संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं। कोर्ट और शासन के जो भी आदेश हैं उनका अनुपालन किया जाएगा।
- डॉ. अरुण कुमार दूबे, डीआईओएस।