जनमंच प्रेक्षागृह में सोमवार को आयोजित योगधारा, संगीत, योग और ध्यान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सात देशों से आए योग साधकों ने उपस्थित जनसमूह को योग क्रियाएं सिखाने के साथ ही विस्तार से उनके लाभ भी समझाए। उन्होंने सहज योग को जीवन में संतुलन, शांति, तनाव नियंत्रण और आध्यात्मिक सुधार करने वाला बताया।
कार्यक्रम का उद्घाटन नगरायुक्त डॉ. नीरज शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में सहारनपुर के साथ ही शामली, बड़ौत, मेरठ, बुलंदशहर, रुड़की, हरिद्वार, देहरादून, जगाधरी और यमुनानगर से आए सहज योगियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पहुंचे यूक्रेन, रूस, चीन, ब्रिटेन, इटली, स्पेन और बेल्जियम के 24 युवा सदस्यों ने योग और संगीत के माध्यम से उपस्थितजनों को योग का महत्व समझाया। घर पर ध्यान करने की विधि भी समझाई गई।
जिला संयोजक विश्वजीत सिंह ने बताया कि उनका संगठन अभी तक जयपुर, इंदौर, छिंदवाड़ा, नागपुर, चंद्रपुर, अमरावती, नादेड़, नासिक, पुणे, नारगोल, अंकलेश्वर, समेत अनेक जगहों पर योग कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। पांच मई 1970 से शुरू हुआ यह अभियान लगातार जारी है।
आज विश्व के 160 से अधिक देशों में साप्ताहिक ध्यान केंद्र में भाग लेने वाले साधक सहजयोग ध्यान तकनीक का अभ्यास का रहे हैं। इस दौरान भूपेंद्र सिंह, जेडी कौशल, अमित चौधरी समेत अनेक स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षक मौजूद थे।