यमुना नदी के किनारे सिंचाई विभाग द्वारा मिट्टी कटाव रोकने के लिए बनाई जा रही ठोकरों के निर्माण में मानकों की अनदेखी से खफा ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। उन्होंने उच्चाधिकारियों को निर्माण कार्य की धांधली से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की।
यमुना नदी में बरसात में जल स्तर बढ़ने से किसानों की काफी जमीन प्रतिवर्ष नदी में बह जाती है। गांव जोधेबांस के ग्रामीणों ने यमुना किनारे खेतों के कटाव की इस समस्या से पिछले वर्ष सांसद को अवगत कराया था।
सांसद राघवलखन पाल शर्मा ने मौके पर पहुंच ग्रामीणों को शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया था। अब सिंचाई विभाग द्वारा यमुना के किनारे पर पांच करोड़ के बजट से पत्थरों की ठोकरें बनाने का निर्माण कार्य किया जा रहा है। सोमवार को ग्रामीणों को जानकारी मिली कि ठेकेदार पत्थरों के बीच में मिट्टी व रेत भरकर निर्माण कर रहा है तो ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच निर्माण कार्य बंद करा दिया।
ग्रामीण रिषीपाल, सर्वेश, अंकुश, अमित, खुर्शीद, गुल्फान, जहीद, राधेश्याम, पंकज आदि ने बताया कि पत्थरों की ठोकरों के बीच में ठेकेदार रेत व मिट्टी भर लीपापोती कर रहा है, जो कि गलत है। केवल पत्थर की ठोकर ही कटाव रोक सकती है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में धांधली बरते जाने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारी कहिन
पिछले कुछ दिनों से जिलाधिकारी के आदेशानुसार गंगा सफाई व नदियों को जीवनदान से संबंधित कार्य के चलते मौके पर नहीं पहुंच पाए। जांच कराई जाएगी।
- जेई सिंचाई विभाग मनोज कुमार
कार्य की जांच कराई जाएगी। लापरवाही पाई गई तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- विनोद मिश्रा, एक्सईएन सिंचाई विभाग