सहारनपुर। यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए शासन, प्रशासन और विभागीय स्तर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पर परीक्षा को नकल विहीन कराने की बड़ी जिम्मेदारी रहेगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी परीक्षा केंद्र पर नकल होती पकड़ी जाती है तो संबंधित केंद्र का स्टेटिक मजिस्ट्रेट व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।
परीक्षाएं 24 मार्च से शुरू होकर 12 अप्रैल तक चलेंगी। परीक्षा के लिए जनपद में 101 केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर दसवीं और 12वीं के 67,313 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा कराने को कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। एक ओर जहां कई वर्षों से चली आ रही प्रत्येक कक्ष में सीसीटीवी और वायस रिकॉर्डर की व्यवस्था यथावत रहेगी। वहीं नकल माफियाओं पर नजर रखने के लिए एलआईयू और एसटीएफ भी काम कर रही हैं। पुलिस बल और सचल दल भी परीक्षाओं को नकल विहीन कराने में अहम जिम्मेदारों में शामिल रहेंगे, लेकिन इनके साथ ही सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पर बड़ी जिम्मेदारी रहेगी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट अनिवार्य रूप से तैनात किया जाएगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्र पर नकल विहीन, शांतिपूर्ण परीक्षा कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा। शासन ने यह भी कहा है कि जनपद के परीक्षा केंद्रों को सेक्टरों में बांटकर सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएं, जो प्रत्येक दिन दोनों पालियों में परीक्षा केंद्रों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करेंगे। सेक्टर में परीक्षा केंद्रों में नकल की रोकथाम के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट को उत्तरदायी बनाया गया है, जो स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्य करेगा।