सौहार्द बिगाड़ने और कानून हाथ में लेने वाले बख्शे नहीं जाएंगे
सहारनपुर। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में देवबंद में किए गए हाईवे जाम और विरोध के बाद बृहस्पतिवार को डीएम आलोक कुमार पांडेय ने मदरसों सहित अन्य शिक्षण संस्थानों के संचालकों के साथ बैठक की। उन्होंने चेतावनी दी कि सौहार्द बिगाड़ने और कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि हाईवे पर चक्का जाम और सड़क पर नमाज अच्छा संदेश नहीं है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। मुस्लिम समुदाय भाईचारे के साथ रहते आये हैं। आपको अगर अपनी बात कहनी हो तो संवैधानिक दायरे में रहकर बात कह सकते हैं।
उन्होंने कहा कि देवबंद में मुस्लिम छात्रों ने कानून को अपने हाथ में लेने का काम किया है। छात्रों पर कार्यवाही होने पर उनका पूरा करियर प्रभावित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मदरसोें के प्रबंधक छात्रों को कम्यूनिकेट करने में विफल रहे। ऐसी पुनरावृत्ति दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि मदरसे के प्रबंधक अपने छात्रों को पूरी तरह से आगाह कर दें कि वह इस तरह के एक्टिविटी में कतई भाग न लें। अन्यथा की स्थिति में नियम व कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकता संशोधन बिल को गंभीरता से लेते हुए प्रत्येक मदरसे पर नमाज के बाद समझाया भी जाए। कोई भी शिक्षक इस तरह के एक्टिविटी में सहभागिता न करे। आप अपनी बात को उचित ढंग से ज्ञापन के माध्यम से भी संबंधित क्षेत्राधिकारी व उपजिलाधिकारी को कम्यूनिकेट कर सकते हैं।
डीएम ने कहा कि शासन के निर्देश के क्रम में जिला प्रशासन किसी प्रकार की सभा, जुलूस, रोड शो निकालने के लिए कतई अनुमति नहीं देगा। इसका उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जो विरोध करने का तरीका है, उसी के अनुरूप करें। शांतिभंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्र या अन्य युुवा किसी के बहकावे में आकर सद्भाव को न बिगाड़ें।
दारुल उलूम के वाइस चासंलर अब्दुल खालिक मद्रासी ने अपील की कि सभी को कायदे कानून में रहकर ही कार्य करने चाहिए। गलत कार्य करने के लिए इस्लाम, सरकार, कानून व हुकूमत इजाजत नहीं देगी। हमारी जुबान या हाथ से किसी इंसान को कतई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसबी. सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार, एस.पी. देहात विद्यासागर मिश्र, नगर मजिस्ट्रेेट पंकज वर्मा आदि के अलावा सभी थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी व मुस्लिम समुदाय के प्रतिष्ठित व सम्मानित व्यक्ति मौजूद रहे।