रैली स्थल की मेटल डिटेक्टर से जांच करते सुरक्षा जवान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रैली स्थल पूरी तरह से एसपीजी और सुरक्षा एजेंसियों के हवाले है। मंगलवार को एसपीजी के साथ मिलकर सुरक्षाकर्मियों ने रैली स्थल, हैलीपैड स्थल समेत आसपास के खेतों का मेटल डिटेक्टर से खंगाला। एहतियात इतनी बरती जा रही है कि सुरक्षाकर्मी कील तक को निकाल कर रैली स्थल से दूर कर रहे हैं।
आईजी (एसपीजी) वीके जेठवा ने सोमवार को प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने साफ कहा था कि रैली में प्रधानमंत्री की सुरक्षा सबसे अहम रहेगी। बैठक के अगले ही दिन रैली स्थल का नजारा बदला नजर आया। सुबह से ही एसपीजी और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी और कर्मचारी रैली स्थल पर तैनात थे।
एसपीजी और सुरक्षा एजेंसियों की टीम हैलीपैड स्थल के साथ ही रैली स्थल को मेटल डिटेक्टर से छानती नजर आई। इस दौरान कई बार जंग लगी कीलें और लोहे के अन्य टुकड़े टीम को मिले, जिन्हें रैली स्थल से दूर फेंका गया। टीम खेतों की मेढ़ और यहां तक की सिंचाई के लिए हुए बोरिंग तक की छानबीन कर रही है।
सेना के अन्य जवान भी अपने तमाम उपकरणों के साथ हैलीपैड और रैली स्थल पर तैनात हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। इसके अलावा पुलिस अफसर और जवान भी रैली स्थल पर तैनात हैं।
रैली स्थल पर युद्धस्तर पर काम जारी ः प्रधानमंत्री की रैली को लेकर प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है। एक ओर जहां रैली स्थल पर प्रधानमंत्री का मंच और पंडाल बनाने की तैयारी जोरशोर से चल रही है।
वहीं रैली स्थल पर पहुंचने वाली पब्लिक के लिए मार्ग बनाया जा रहा है, जिसपर ईंटे बिछाई जा रही हैं। हैलीपैड बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। रैली में अब मात्र एक दिन शेष है। ऐसे में काम को समय से निपटाने की चुनौती प्रशासन के सामने है।