सहारनपुर में केंद्र में भाजपा की सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 मई को सहारनपुर में विकास पर्व रैली करेंगे। उनकी सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली से सहारनपुर तक अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सोमवार को सहारनपुर पहुंचे आईजी (एसपीजी) ने अधिकारियों के साथ रैली स्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी निर्देश दिए।
आईजी (एसपीजी) वीके जेठवा ने सोमवार को सबसे पहले कमिश्नर एमपी अग्रवाल, डीआईजी डॉ. एके राघव, एआईजी कमल कुलबे, डीएम पवन कुमार, एसएसपी प्रदीप कुमार यादव, सांसद राघव लखनपाल शर्मा और नगर विधायक राजीव गुंबर आदि को साथ लेकर रैली स्थल का दौरा किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए तैयार किए जा रहे मंच, पंडाल, हैलीपैड आदि को देखा। रैली स्थल का भ्रमण करने के बाद उन्होंने पास ही स्थित एक बैंक्वेट हॉल में अधिकारियों के साथ बैठक की।
रैली स्थल पर व्यवस्था बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, बीएसएनएल समेत अनेक विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ऐसे में आईजी ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता पर रखने के निर्देश देते हुए किसी भी काम में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। कहा कि रैली स्थल पर जो भी काम कंपलीट होता जाएगा उसके लिए संबंधित विभाग जिला प्रशासन से प्रमाण पत्र लेगा, जिससे यह विश्वास हो जाए कि काम कंपलीट हो चुका है।
उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से एक-एक बिंदू पर बात करते हुए व्यवस्था बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में एडीएम-ई ओपी वर्मा, एडीएम-एफ हरीश चंद्रा, नगरायुक्त डॉ. नीरज शुक्ला, एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव समेत अनेक विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
आईजी (एसपीजी) ने मुंबई में मेक इन इंडिया के मंच पर लगी आग की घटना की जिक्र करते हुए कहा कि मंच और पंडाल तैयार करते हुए इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि वहां मुंबई जैसी घटना होने की गुंजाइश न रहे।
इसके लिए विद्युत निगम और फायर ब्रिगेड को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री की रैली के दिन अधिकारियों द्वारा स्कूल में अवकाश कर दिए जाने का भी जिक्र किया।
कहा कि प्रधानमंत्री यह चाहते हैं कि उनकी रैली या सभाओं से आम आदमी को कम से कम परेशानी हो। ऐसे में सहारनपुर का प्रशासन चंडीगढ़ प्रशासन जैसी गलती न करें। यातायात व्यवस्था भी ऐसी बनाई जाए कि आम आदमी को अधिक परेशानी न उठानी पड़े।
प्रधानमंत्री की रैली स्थल के पास कुछ किसानों की फसल भी प्रभावित हुई है। चुन्हेड़ी के किसान गुलशन के पापुलर के 60 पेड़ काटे गए हैं, जिनका मुआवजा दिलाने का आश्वासन प्रशासन की ओर से उन्हें मिला है।
गुलशन का कहना है कि प्रशासन पास के ही एक अन्य किसान को एडवांस में मुआवजा दे चुका है। ऐसे में उनको भी मौके पर ही मुुआवजा दिया जाए।
प्रधानमंत्री की रैली के लिए मंच और मैदान तैयार करने का काम युद्ध्ास्तर पर चल रहा है। सोमवार को काम के बीच में ही झमाझम बारिश और ओले पड़ने से काम में बाधा उत्पन्न हुई। चूंकि रैली में अब केवल दो दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में मौसम बिगड़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।