सहारनपुर। केरल में कोरोना मरीज मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने अलर्ट करते हुए गाइडलाइन जारी की है। कहा गया कि अस्पतालों में आने वाले सांस, बुखार, सर्दी-जुकाम के मरीजों की कोविड जांच कराई जाए, ताकि समय रहते संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना जांच का दायरा नहीं बढ़ाया गया है। रोजाना 80 से 100 की ही जांच ही हो रही है।
प्रदेश के गाजियाबाद, बुलंदशहर सहित कई जिलों में कोरोना के मरीज मिल चुके हैं। जिले में एसबीडी जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और ब्लॉक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना की जांच हो रही है। सर्दी का मौसम है, इसलिए सांस के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल की फिजीशियन ओपीडी 350 से 400 की है। इनमें सांस, बुखार, सर्दी-जुकाम के भी मरीज आते हैं।
विभाग का दावा है कि जिन मरीजों में लक्षण दिखाई देते हैं, उनकी कोरोना जांच कराई जाती है। हकीकत इसके उलट है। जिला अस्पताल परिसर में बच्चा वार्ड के पास कोरोना जांच होती है। यहां के आंकड़े पर गौर करें तो प्रतिदिन 15 से 20 ही जांच कोरोना की होती है। इससे साफ है कि सभी लक्षण वाले मरीजों की कोरोना जांच नहीं हो रही। आने वाले दिनों में संक्रमण बढ़ा तो कोरोना रोकना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती होगा।
जिनमें सांस, बुखार, सर्दी-बुखार के मरीजों में लक्षण दिखाई देते हैं, उनकी कोरोना जांच कराई जाती है। 80 से 100 कोरोना जांच प्रतिदिन कराई जा रही है। अभी तक की जांच में कोई कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है।
-शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी