थाना जनकपुरी के खानआलमपुरा क्षेत्र से बुधवार को अगवा किए गए तीन माह के बच्चे की हत्या से मोहल्ले के लोगों में गम और गुस्सा व्याप्त हो गया।
मोहल्ले के लोगों ने कहा कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण ही बच्चे की सकुशल बरामदगी में बाधक बन गई। इस मामले में पुलिस अफसरों का कहना है कि बच्चे की हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए कई बिंदुओं पर जांच जारी है। पुलिस पूरे मामले की तहकीकात जानने में जुटी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बच्चा असद को बुधवार की शाम करीब 5.45 बजे उसके घर के पास ही अगवा किया गया था। परिजनों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इतना ही नहीं देहरादून रोड पर जाम लगाकर हंगामा भी किया था। मामले को संभालने के लिए चार थानों की पुलिस बुला ली गई थी।
सीओ द्वितीय भी मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने बच्चे को सकुशल बरामद कराने का आश्वासन परिजनों को दिया था। प्रदर्शनकारियों और परिजनों को शांत करने के बाद पुलिस भी शांति से बैठ गई। पुलिस चाहती तो पीड़ित परिवार से पूछताछ कर कुछ लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया जा सकता था।
बृहस्पतिवार को बच्चे का शव मिलते ही जिला अस्पताल में पहुंचे परिजन और मोहल्ले के लोगों में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश फैल गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पीएसी तैनात कर दी।
परिवार पर भी नजर ः पुलिस मामले में आपसी रंजिश होना मान कर चल रही है। क्योंकि असलम की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नही है कि उसके बेटे का कोई फिरौती के लिये अपहरण करता।
पहले इसके पीछे बलि देने को भी कारण माना जा रहा था, मगर जिस स्थिति में शव पानी से बरामद हुआ उसने इस भ्रम को भी दूर कर दिया। एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव ने सर्विलांस सेल के जरिये क्लू तलाशा जा रहा है।
तांत्रिक क्रिया का भी शक
तीन महीने के मासूम की मौत को तांत्रिक क्रिया से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चे का फिरौती के लिए अगवा करने का चांस कम ही हैं। माना जा रहा है कि बच्चे की हत्या या तो रंजिशन की गई है या फिर तांत्रिक क्रिया के चलते ऐसा किया गया है।
दम घुटने से हुई मौत
बड़ी नहर से पानी में उतराते मिले असद के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत दम घुटने से पुष्टि हुई है। हालांकि जब तक अपहरणकर्ता नहीं पकड़े जाते तब इस पूरी वारदात से परदा नहीं उठ पाएगा।
अधिकारी कहिन
पूरे मामले की जांच की जा रही है। इसमें पुलिस की लापरवाही की भी जांच कराई जा रही है। बच्चे का अपहरण करने वाले जल्द ही पुलिस गिरफ्त में होंगे। हमारी तेज तर्रार टीमें इस काम में जुटी हैं।
- आरपी सिंह यादव, एसएसपी