इसके बाद परिजन उसे शहर के दो निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उन्हें बेड नहीं होने की बात कहकर भर्ती करने से मना कर दिया। परिजन जैसे-तैसे कर राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। चिकित्सक को दिखाने के लिए घंटों तक बैठे रहे। उन्होंने एक जनप्रतिनिधि से फोन कर सिफारिश लगवाई तो कॉलेज प्रबंधन हरकत में आया। भर्ती कर लिया, लेकिन कुछ देर बाद ही घनश्याम की मौत हो गई।
मौत के बाद परिजन स्ट्रेचर के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में इधर-उधर भटकते रहे। स्ट्रेचर कहीं नहीं मिला। इसके बाद बेटे ने बेड से पिता की लाश को उठाया और गोद में लेकर चल दिया, लेकिन स्टाफ का दिल नहीं पसीजा।
परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके साथ चिकित्सकों ने भी ठीक व्यवहार नहीं किया। मानवता को शर्मसार करने वाली घटना ने राजकीय मेडिकल कॉलेज की पोल खोलकर रख दी। इस घटना का 38 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।