सहारनपुर महानगर में छह दिसंबर को कहीं शौर्य तो कहीं काला दिवस मनाया गया। हिंदू संगठनों के लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ और आरती की। मुस्लिम संगठनों के लोगों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों द्वारा आवास-विकास स्थित हरि मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ और आरती की गई। संगठन मंत्री देवेंद्र सोम ने युवाओं को अयोध्या में राम मंदिर बनवाने का संकल्प दिलवाया। अनुज शर्मा, कपिल, रविंद्र तोमर, आरसी शर्मा, सुनील मित्तल, सचिन मित्तल, अक्षय शर्मा, विभोर राणा, टिंकू अरोड़ा, वीके मित्तल, जगदीप सिंह, दिव्यांश मौजूद रहे।
अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष शिवकुमार गौड़ ने की। हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों द्वारा गांधी पार्क में शौर्य दिवस मनाया गया। जिलाध्यक्ष संजय वर्मा, महानगर प्रभारी विवेक कौशिक, गौरव कटारिया, मनोज धीमान ने अपने विचार रखे।
विवेक गोगियान, रमन वर्मा, राकेश कश्यप, मान सिंह राणा, अनिल, समीर भटनागर, कुलदीप, टिंकू गुर्जर, शिव कुमार, उज्ज्वल पंडित, सुनील शर्मा, नीतू, गगन कौरी, तरूण, जितेंद्र सैनी, अनुपम शामिल रहे। शिवसेना ने गांधी पार्क में एकत्र होकर शौर्य दिवस मनाया।
गांधी पार्क से घंटाघर स्थित हनुमान मंदिर तक जुलूस निकाला गया और मिष्ठान वितरित किया गया। केंद्र और प्रदेश सरकार से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराए जाने की मांग की गई। जिला प्रमुख चौधरी योगेंद्र सिंह सिरोही, नीरज रोहिला, ईश्वरनाथ, प्रदीप सैनी, सुरेंद्र त्यागी, अजय, राकेश सैनी, राजू सिरोही, कंवरपाल सिंह, नंद किशोर, राजवीर कश्यप, रमेश चंद, जगदीश, नेत्रपाल, रजनीश कांबोज, किरन कुमार, बिजेंद्र शर्मा मौजूद रहे।
उधर, बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी द्वारा इंडस्ट्रियल मुस्लिम गर्ल्स इंटर कॉलेज आतिशबाजान में प्रस्ताव मंजूर शुदा एहतजाजी जनसभा का आयोजन किया गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
अध्यक्षता चेयरमैन मौलाना अताउर्रहमान वजदी ने की। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर 1992 को कानून और संविधान की अवहेलना करते हुए ऐतिहासिक बाबरी मस्जिद को षड्यंत्र के तहत शहीद किया गया था। हम इस शैतानी हरकत को मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता पर आक्रमण समझते हैं।
उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद के पुन: निर्माण के लिए संघर्ष जारी रहेगा। अयोध्या में मस्जिद थी, मस्जिद है और मस्जिद रहेगी। इस स्थान पर मस्जिद के अलावा अन्य निर्माण किया गया तो वह गैर कानूनी होगा, जिसके विध्वंस पर किसी का कोई एतराज करना अस्वीकार होगा।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से कहा कि कि बाबरी मस्जिद पर अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करें और मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करना बंद करें। कार्यक्रम में बाबरी मस्जिद के शहीदों को सलाम कर मस्जिद के पुन: निर्माण के लिए दुआ कराई गई।
संचालन मौलाना इकबाल फलाही व हाजी उबैदउल्ला काजिम ने किया। शेरशाह आजम, मौलाना अतहर हक्कानी, सय्यद खलीक, इरफान, ताजदार खान, मौलाना शमशीर उल हसन, कारी सईद साबिर अली खां, मौलाना हारिस व सैय्यद अय्यूब शोला ने अपने विचार रखे। भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे।