मोहंड रेंज में तस्करों द्वारा काटे गए खैर के पेड़ों की लकड़ियां। श्रोत ग्रामीण
छुटमलपुर। मोहंड रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र की फतेहपुर पेलियो बीट में वन तस्करों ने खैर के नौ पेड़ों को काट लिया। पेड़ तीन दिन पहले रात के वक्त काटे गए, लेकिन तस्कर किसी वजह से लकड़ी साथ नहीं ले जा सके। मामले में वन क्षेत्राधिकारी ने तीन अस्थायी वाचरों की सेवा समाप्त करते हुए जांच शुरू कर दी है।
पेड़ कटान का मामला 31 दिसंबर की रात का है। हैरत की बात है कि जिस जगह से पेड़ काटे गए हैं वहां से मुश्किल से तीन से चार सौ मीटर की दूरी पर वाच टावर है। इस पर फायर वाचर नरेश कुमार, जुगेश व पोपीन तैनात थे। सभी पेड़ पेट्रोल से चलने वाले मशीन आरे से काटे गए हैं जो काफी शोर करता है। रात के वक्त वैसे भी मोटर की आवाज दूर तक गूंजती है। ऐसे में इन कर्मचारियों को बड़ी संख्या में पेड़ काटने की जानकारी न हुई हो यह गले नहीं उतर रहा है।
वन क्षेत्राधिकारी मोहंड लव सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है जिस पर तीनोें वाचराें की सेवा समाप्त कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मौके से काटे गए सभी पेड़ों की लकड़ी बरामद हो गई है। इस बात की जांच की जा रही है कि वाचरों की संलिप्तता पेड़ कटान में थी या नहीं। उन्होंने बताया कि यदि पेड़ कटाने में वाचरों की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।