सहारनपुर। कहने को सहारनपुर स्मार्ट सिटी में चयनित है, मगर हालत दयनीय है। सड़कों पर गड्ढे हैं, बारिश होने के बाद हालत और खराब हो गई। इस हाल के लिए खुद नगर निगम जिम्मेदार है, क्योंकि सीवर लाइन डालने के लिए जिन सड़कों पर खोदाई कराई गई, वहां दो से तीन महीने बीतने पर भी सड़क का निर्माण नहीं कराया। अब हालत यह है कि हर तरफ कीचड़ है और इन रास्तों से गुजरना मुश्किल हो रहा है, दोपहिया वाहन सवार फिसलकर गिर रहे हैं।
सवाल यह है कि अभी तो मानसून भी नहीं आया, तब यह हाल है। बरसात तेज होगी तो स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी। महानगर में कहीं सीवर लाइन डालने तो कहीं नालों की जगह बड़े पाइप डालने के लिए सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। आवास-विकास में हरि मंदिर मार्ग पर करीब पांच फिट गहरे गड्ढे की वजह कभी भी दुर्घटना हो सकती है। लोगों ने खुद ही गड्ढे के चारों तरफ ईंटें रखकर बचाव का इंतजाम किया है। कोर्ट रोड पर मुख्य डाकघर से लेकर घंटाघर तक चल रहे निर्माण कार्य के दौरान थोड़ी सी बारिश में कीचड़ फैल गया।
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दुकानें बंद करने को हो रहे मजबूर
कोर्ट रोड के कारोबारी सन्नी गुलाटी का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान काम बंद रहा। उस समय काम पूरा कराया होता तो लोगों को अब परेशानी न झेलनी पड़ती। धूल के गुब्बार की वजह से कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर रखी हैं।
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कीचड़ में फिसल रहे वाहन, चोटिल हो रहे लोग
राकेश सिनेमा पटरी मार्ग पर किशनपुरा के नजदीक सीवर लाइन के लिए खोदाई की गई, उससे आगे जोगियान पुल तक की सड़क टूटी पड़ी है। सड़क में जगह-जगह गड्ढों की वजह से दुर्घटना का खतरा बना है। बृहस्पतिवार तड़के हुई बारिश के बाद से पूरे इलाके में कीचड़ फैल गया। कुछ लोग फिसल कर चोटिल भी हुए।
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लंबे समय से टूटा पड़ा मार्ग
राकेश सिनेमा पटरी निवासी निवासी गौरव यादव का कहना है कि टूटी सड़क की वजह से रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं। कारोबारी सरदार प्रभजीत और श्रमिक जुल्फान का कहना है कि दोपहिया वाहन कीचड़ की वजह से फिसल रहे हैं। लंबे समय से यह मार्ग टूटा पड़ा है। थोड़ी बारिश में हालात खराब हो जाते हैं।
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जिन सड़कों पर सीवर लाइन डालने के लिए खोदाई कराई गई है, वहां जल्द सड़क का निर्माण कराने के लिए कार्यदायी संस्था को कहा गया है। स्मार्ट सिटी के कार्य मंडलायुक्त और नगरायुक्त की देखरेख में हो रहे हैं। नागरिकों की शिकायतों पर समाधान कराया जा रहा है।
-- संजीव वालिया, महापौर, नगर निगम