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स्मार्ट सिटी के फेर में उलझी शहर की यातायात व्यवस्था

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स्मार्ट सिटी के फेर में उलझी शहर की यातायात व्यवस्था
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सहारनपुर। शहर की यातायात व्यवस्था स्मार्ट सिटी की योजना में उलझकर रह गई है। यातायात पुलिस ने प्लान तो कई बार बनाए और नगर निगम, प्रशासन को भेजे भी, लेकिन स्मार्ट सिटी की योजना में यातायात प्लान को दरकिनार कर दिया गया। न स्मार्ट सिटी के तहत यातायात व्यवस्था के लिए कोई काम हुआ और न ही यातायात पुलिस ही शहर की यातायात व्यवस्था को संभाल सकी। शहर के लोगों को रोजाना जाम से जूझना पड़ रहा है।
यातायात माह में भी यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। शहर की हर सड़क, हर पुल और प्रत्येक चौराहा एवं तिराहा पर जाम लग रहा है। विशेषकर कोर्ट रोड पुल, अस्पताल पुल, शारदा नगर पुल पर तो जाम लग ही रहा है, शहर के कचहरी तिराहा, अस्पताल चौराहा एवं घंटाघर का जाम लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। रोजाना ही जाम की स्थिति बन रही है और लोग जाम में फंस रहे हैं।
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शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर यातायात पुलिस अधिकारियों द्वारा कई बार प्लानिंग की गई। योजनाएं बनाकर नगर निगम एवं प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई, लेकिन स्मार्ट सिटी योजना के चक्कर में यातायात पुलिस की दी गई यातायात प्लानिंग को दरकिनार कर दिया गया। स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आज तक एक स्मार्ट सिटी योजना एक कदम भी नहीं चल सकी। शहर की रोड इंजीनियरिंग पर तो पिछले पांच-छह साल से कोई काम नहीं हो सका।
शहर के पुलों और चौराहों पर सुबह से ही जाम लगना शुरू हो रहा है। अधिक समस्या सुबह 10 बजे से अपराह्न तीन बजे तक हो रही है। इस समय न सिर्फ बाहर के वाहन होते हैं, बल्कि स्कूली वाहनों की भी सड़कों पर लोड रहता है। जिससे चार-पांच घंटे सड़कों पर निकलना मुश्किल हो रहा है।
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सड़कों में उलझे अधिकारी
सहारनपुर में सड़कों को लेकर ऐसा विभागीय जाल बना हुआ है कि अधिकारी भी उलझ कर रह गए हैं। यातायात निरीक्षक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि सहारनपुर शहर से होकर एनएचएआई, सहारनपुर विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और नगर निगम की सड़कें हैं। जिसको लेकर अधिकारी उलझ रहे हैं। कुछ स्थानों पर डिवाइडर बनाकर यातायात को व्यवस्थित करने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन विभाग एक दूसरे पर टाल रहे हैं। देहरादून चौक से सपना टॉकीज तक डिवाइडर बनाने के लिए प्रस्ताव रखा तो एनएचएआई ने पीडब्लूडी पर टाल दिया। पीडब्लूडी ने कह दिया कि उन्हें हस्तांतरित ही नहीं हुई। इसी प्रकार की कई अन्य सड़कें हैं।
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पुलों का अव्यवस्थित होना बन रहा मुसीबत
शहर में तीन प्रमुख पुल शारदानगर पुल, कोर्ट रोड पुल और जिला अस्पताल पुल इस प्रकार बने हुए हैं कि तीनों पर ही जाम लगना स्वाभाविक है। टीआई तेज प्रताप सिंह का कहना है कि अस्पताल पुल विश्वकर्मा चौक से शुरू होकर अस्पताल चौराहे पर खत्म हो रहा है। दोनों ओर चौराहों पर ही पुल उतर रहा है। कोर्ट रोड का पुल तिराहे से शुरू होकर तिराहे पर ही खत्म हो रहा है, जबकि शारदानगर पुल सीधे अंबाला रोड हाईवे पर ही खत्म हो रहा है। ऐसे में वाहनों के प्रवाह को रोकते ही जाम की स्थिति बन रही है।
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