गोविंद विहार में अवैध निर्माण को सील करती एसडीए की टीम।
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शहर के सुनियोजित विकास का दावा करने वाले विकास प्राधिकरण में इन दिनों अजीब खेल चल रहा है। फील्ड में तैनात अभियंता छोटे निर्माणों को सील करने में पूरी रुचि दिखा रहे हैं, लेकिन बड़े अवैध निर्माणों को वे शह दे रहे हैं। यही कारण है कि शहर के ज्यादातर अवैध निर्माणों पर कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई। अफसर सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं।
आवास विकास से सटे विजय कॉलोनी में साईधाम रोड पर आलम और भूरा दो मकानों का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृत कराए कर रहे थे। इन्हें कई बार नोटिस जारी किया गया, लेकिन दोनों ही अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित तक नहीं हुए। मंगलवार को प्राधिकरण की टीम ने दोनों ही अवैैध निर्माणों पर सील लगा दिया।
दूसरी कार्रवाई गिल कॉलोनी में की गई। वहां राहुल जैन के मकान पर पहले से एसडीए की सील लगी थी। निर्माणकर्ता ने सील तोड़कर दोबारा से उसमें काम शुरू कर दिया था। प्राधिकरण की टीम ने मंगलवार को सील लगाकर राहुल जैन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है।
इन कार्रवाई के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि शहर में हो रहे बड़े-बड़े अवैध निर्माणों पर आखिरकार प्राधिकरण कार्रवाई से क्यों बच रहा है। मल्हीपुर रोड पर सपा नेताओं की शह पर तीन मंजिला अवैध मार्केट का निर्माण किया जा रहा है।
देहरादून रोड पर एसएएम इंटर कालेज के सामने कई मंजिला निर्माण अवैध तरीके से किया गया। इसके अलावा पुराने शहर में बड़ी-बड़ी मार्केट का निर्माण कराया जा रहा है। मगर, प्राधिकरण इन पर केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है।
अधिकारी कहिन
शहर में हो रहे अवैध निर्माणों को चिह्नित करने केे लिए एक टीम का गठन किया गया है। इसमें अभियंताओं की रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद अवैध निर्माणों को सील करने की कार्रवाई शुरू होगी।
- वीपी सिंह, उपाध्यक्ष, विकास प्राधिकरण