नुमाईश कैंप स्थित श्मशान घाट में भाई ललन सिंह की अस्
सहारनपुर। यूपी एसटीएफ से मुठभेड़ में ढेर 1.25 लाख के इनामी कुख्यात बदमाश ललन सिंह की अस्थियां लेने के लिए बृहस्पतिवार को लुधियाना से बहन सहारनपुर पहुंची। यहां नुमाइश कैंप स्थित श्मशान से अस्थियां एकत्रित की। इस दौरान वह रोते हुए बेहोश हो गई। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि ललन सिंह यहां क्या लेने आया था उन्हें नहीं पता।
22 जून की सुबह लखनऊ एसटीएफ की सरसावा-नकुड़ रोड पर 1.25 लाख के इनामी कुख्यात बदमाश ललन सिंह और उसके साथी से मुठभेड़ हो गई थी। मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से बदमाश ललन सिंह ढेर हो गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चार गोली लगने की पुष्टि हुई थी। साथी बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया था। बदमाशों की गोली अपर पुलिस अधीक्षक और निरीक्षक की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी थी। 23 जून को शहर कोतवाली क्षेत्र के नुमाइश कैंप स्थित श्मशान घाट में बदमाश का एसटीएफ और पुलिस की निगरानी में अंतिम संस्कार किया गया था।
ललन सिंह के माता-पिता की बजाय लुधियाना से बहन ने आकर संस्कार कराया था। बृहस्पतिवार को ललन सिंह की अस्थियां लेने के लिए भी बहन रूनी सहारनपुर पहुंची। यहां उन्होंने नुमाइश कैंप स्थित श्मशान घाट से अस्थियों को एकत्रित किया। इस दौरान रोते हुए वह बेहोश हो गईं। अस्थियां लेने के बाद काफी देर तक श्मशान घाट में बैठी रहीं। बहन रूनी ने बताया कि भाई ललन सिंह सहारनपुर में क्या लेने आया था यह उनकी समझ से परे है। बताया कि वह अस्थियों को बिहार में ललन सिंह की पत्नी के पास भेजेंगी। वह ही प्रवाह करेंगी।