प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2017 की तैयारी के मद्देनजर बसपा ने अभी से मुस्लिम कार्ड खेलना शुरू कर दिया है। सोमवार को बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दारुल उलूम में पहुंचकर संस्था के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी से गुफ्तगू की। सिद्दीकी ने मुलाकात को गैरराजनीतिक बताया।
इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम में जब कभी भी किसी सियासी दल के बड़े नेता का आगमन होता है, तो उसे राजनीतिक दृष्टि से ही देखा जाता है।
पिछले विधानसभा चुनाव से पूर्व समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने दारुल उलूम पहुंचकर दिवंगत मोहतमिम मौलाना मरगुबूर्रहमान से मिलकर अपने सिर पर हाथ रखवाया था, जिसके परिणाम में सपा ने पूर्ण बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाई थी।
शायद इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार बसपा मुस्लिम कार्ड खेलने में पहल कर गई। सोमवार को बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी दारुल उलूम पहुंचे और मेहमानखाने में संस्था के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी से भेंट की।
इस अवसर पर सिद्दीकी ने कहा कि वह यहां सियासी ताल्लुक से नहीं आए, बल्कि उनके अब्बा दादा का यहां से रिश्ता रहा है। उन्होंने मोहतमिम से कहा कि हमारे इरादे नेक है हम सही रास्ते पर हैं, तो हमारे वास्ते दुआ करें।
इरादे भले ही नेक हो, लेकिन नसीमुद्दीन सिद्दीकी का दारुल उलूम आगमन दूसरे दलों के नेताओं को पच नहीं रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आगामी विधानसभा चुनाव में नसीमुद्दीन सिद्दीकी का मुस्लिम कार्ड कितना कमाल दिखाता है।