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Saharanpur News: वाहन मालिकों को झटका, एक हजार से 25 हजार हुई फिटनेस फीस

Wed, 03 Dec 2025 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। वाहन मालिकों को बड़ा झटका लगा है। शासन के आदेश पर संभागीय परिवहन विभाग ने फिटनेस फीस की नई दरें लागू कर दी हैं, जो कई गुना तक बढ़ाई गई है। इसके साथ ही फिटनेस खत्म होने पर जुर्माना भी फीस के बराबर देना होगा। 20 साल से अधिक पुराने ट्रक और यात्री बस पर सबसे ज्यादा 25 हजार रुपये फीस देनी होगी, जो पहले मात्र 1000 रुपये थी।
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जिले में संभागीय परिवहन विभाग में करीब नौ लाख वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 3500 वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस खत्म हो गई है। इनमें करीब 2200 ई-रिक्शा शामिल हैं। 1300 वाहनों में ऑटो, टेंपो, पिकअप, मिनी बस, मिनी ट्रक, बड़ा ट्रक और बड़ी बसें हैं। समय-समय पर फिटनेस होती है, जिसकी फीस निर्धारित है। अब शासन ने फिटनेस फीस और फिटनेस खत्म होने पर फीस के बराबर जुर्माना लगाने के आदेश दिए हैं।
उदाहरण के तौर पर अगर ट्रक या यात्री बस की फिटनेस समय से नहीं कराई गई तो उस पर फिटनेस फीस 25 हजार और इतना ही जुर्माना लगेगा, तभी वाहन की फिटनेस हो पाएगी। अभी तक तीन पहिया वाहनों की फिटनेस फीस 600 रुपये, चार पहिया वाहनों की 800 रुपये और इससे बड़े वाहनों की फिटनेस फीस एक हजार रुपये थी, जो अब कई गुना तक बढ़ा दी गई है। बता दें, कि गाड़ी की आठ साल की अवधि में हर दो साल बाद फिटनेस करानी होती है, जबकि इससे ज्यादा पुरानी होने पर हर साल फिटनेस जांच होती है।
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किस वाहन पर कितनी फीस तय
ऑटो, ई-रिक्शा, टेंपो
- 15 से 20 साल पुरानी वाहन की फिटनेस फीस 3500 रुपये
- 20 साल से अधिक पुराने वाहन की फिटनेस फीस सात हजार रुपये

हल्के वाहन
- 15 से 20 साल पुराने वाहन की फिटनेस फीस 7500 रुपये

- 20 साल से अधिक पुराने वाहन की फिटनेस फीस 15 हजार रुपये
-
मिनी ट्रक व यात्री बस
- 15 से 20 पुराने वाहन की फिटनेस फीस 10 हजार रुपये
- 20 साल से अधिक पुराने वाहन की फिटनेस फीस 20 हजार रुपये

ट्रक और यात्री बड़ी बस
- 15 से 20 साल पुराने वाहन की फिटनेस फीस 12,500 रुपये
- 20 साल से अधिक पुराने वाहन की फिटनेस फीस 25 हजार रुपये

वर्जन
शासन ने वाहनों की फिटनेस फीस में बढ़ोतरी की है, जिसका आदेश भी जारी कर दिया है। इसके साथ ही फिटनेस खत्म होने पर फीस जितना ही जुर्माना लगेगा। नई फीस दरों को लागू कर दिया है।

-रोहित कुमार सिंह, संभागीय निरीक्षक

यह बोले ट्रांसपोर्टर
फिटनेस फीस को लेकर नई दरें लागू कर सरकार ने छोटे ट्रांसपोर्टरों का गला दबाने का काम किया है। इससे ट्रांसपोर्टरों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। सरकार को दोबारा इस पर विचार करना चाहिए।
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- ललित पोपली, महासचिव सहारनपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
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