प्रमुख ट्रेनें कैंसल होने से अब तक तीन लाख रुपये से अधिक का हुआ रिफंड
किसान आंदोलन और कोहरे के कारण बाधित हो रहा है कई ट्रेनों का संचालन
सहारनपुर। किसान आंदोलन और कोहरे के कारण कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन बाधित है। इन ट्रेनों के नहीं चलने से रेल यात्रियों के लिए सफर मुश्किल हुआ है तो रेलवे को भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेलवे ने 16 दिसंबर से जन शताब्दी एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनों को 31 दिसंबर तक कैंसल किया है। इसके चलते रेलवे के आरक्षण केंद्रों के माध्यम से बुकिंग कराने वाले 1500 से अधिक यात्रियों ने अब तक तीन लाख रुपये से अधिक का रिफंड करवाया है। सर्दी और कोहरा बढ़ने की स्थिति में आगे भी अन्य कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो सकता है।
रेलवे की ओर से त्योहारों के समय से चलाई गईं प्रमुख ट्रेनों जन शताब्दी एक्सप्रेस, अमृतसर जालंधर एक्सप्रेस, जयानगर अमृतसर एक्सप्रेस, डिबरूगढ़ अमृतसर एक्सप्रेस, धनबाद फिरोजपुर एक्सप्रेस, सतलुज एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों का संचालन बाधित है। इनके अलावा नौचंदी एक्सप्रेस रेलवे लाइन दोहरीकरण के कारण सहारनपुर से प्रयागराज तक के लिए स्थगित है। यह ट्रेन 23 दिसंबर के बाद चलने की संभावना है।
रोजाना लग रही 70 से 80 हजार रुपये की चपत
- रेलवे के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक प्रदीप गिल्होत्रा ने बताया कि 16 दिसंबर से अब तक करीब 1500 यात्री टिकट कैंसल कराकर रिफंड करवा चुके हैं। रेलवे के आरक्षण टिकट काउंटरों के माध्यम से रोजाना करीब 70 से 80 हजार रुपये के टिकटों की बुकिंग होती रही है। इन काउंटरों पर प्रतिदिन 300 से 350 यात्री इन प्रमुख ट्रेनों के लिए टिकट बुक करवाते रहे हैं।
पंजाब, जम्मू, बिहार के रूट पर ज्यादा असर
प्रमुख ट्रेनों का संचालन बंद होने से यूपी के लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद के अलावा पंजाब, जम्मू और बिहार के प्रमुख स्टेशनों को जाने वाली ट्रेनों के यात्रियों पर अधिक असर पड़ा है। रेल अफसरों से लेकर यात्रियों तक को आशंका है कि आने वाले दिनों में सर्दी और कोहरा बढ़ने से अन्य ट्रेनों का भी संचालन प्रभावित हो सकता है। इसलिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।