सहारनपुर। राजस्व वसूली और विकास कार्यों में जिले की रैंकिंग लगातार पिछड़ रही है। जून माह में राजस्व वसूली के मामले में जिला प्रदेश में 57वें स्थान पर खिसक गया है। इसी तरह विकास कार्यों की रैंकिंग भी कुछ खास नहीं रहा। जिला जून की रैंकिंग में 64वें स्थान पर है।
शासन की ओर से सीएम डैशबोर्ड पर हर महीने जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था के आधार पर रिपोर्ट जारी की जाती है। डैशबोर्ड सभी जिलों के 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा करता है। इसके बाद उन्हें अंक दिए जाते हैं। इन्हीं अंकों के आधार पर जिलों की रैंकिंग हर महीने जारी की जाती है। जून माह की शासन द्वारा जारी रैंकिंग में जिले का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। मई माह के मुकाबले राजस्व के मामले में जिला 47वें स्थान से खिसकर 57वें स्थान पर आ गया है। वहीं विकास कार्यों से जुड़ी रैंकिंग में भी कुछ खास प्रगति नहीं हुई है। इसमें भी जिला 64वें स्थान पर है। विकास एवं राजस्व कार्यों की सम्मिलित रैंकिंग में जिले को निर्धारित 10 में से 8.59 अंक हासिल हुए हैं।
- चार विभाग को डी तो आठ को मिली सी रैंकिंग
राजस्व वसूली में सबसे खराब स्थिति मंडी आय एवं आवक की है। आय और आवक के मामले में मंडी विभाग को डी ग्रेड मिला है। इसी तरह संपत्ति नामांतरण और स्मार्ट सिटी मिशन में भी जिले को डी ग्रेड मिला है। आईएमएसएस के अनुसार प्रवर्तन कार्य, अंश संशोधन, भू आवंटन पट्टा डैशबोर्ड, स्वामित्व डैशबोर्ड, आईजीआरएस, सरकारी कर राजस्व में जिले को सी ग्रेड प्राप्त हुआ है।
- मंडलायुक्त जता चुके नाराजगी
मंगलवार को हुई कर करेत्तर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार खराब रैंकिंग पर गहरी नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने सहारनपुर समेत मंडल के तीनों जिलों को राजस्व वसूली में सुधार लाने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।