जल लेकर लौटना शुरू हुए कांवड़िए
सहारनपुर। श्रावण मास के शुरू होने के साथ ही कांवड़िए जल लेकर लौटने लगे हैं। पहले दिन दूर-दराज के कांवड़िए ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हुए नजर आए। उधर, सावन माह को लेकर शिवालयों में भीड़ रही। हर तरफ भगवान शंकर के जयकारे सुनाई दिए।
सहारनपुर के रास्ते हर वर्ष पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों कांवड़िए हरिद्वार एवं ऋषिकेश से गंगाजल लेकर लौटते हैं। बुधवार से श्रावण मास शुरू हो गया। पहले दिन कांवड़ मार्ग पर बहुत ही कम संख्या में जल लेकर दूर-दराज के कांवड़िए लौटते नजर आए। 20 जुलाई के बाद कांवड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा और पूरा कांवड़ मार्ग शिवमय नजर आएगा। उधर, सावन के पहले दिन महानगर के शिवालयों में अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रही। श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, तहसील शिव मंदिर, श्री नारायणपुरी मंदिर, श्री हरि मंदिर, श्री बालाजी धाम, श्री साईं धाम, श्री बगलामुखी मंदिर सहित सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान शंकर का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। श्रावण मास का पहले सोमवार 22 जुलाई को पड़ेगा, इस दिन हजारों की संख्या में शिवालयों में श्रद्धालु पूजा अर्चना करेंगे।
महानगर में कांवड़ मार्ग पर अंबाला हाईवे स्थित मेला गुघाल पुल से लेकर देहरादून रोड पर नौगजापीर तक 20 से अधिक कांवड़ शिविर लगते हैं। इनके आयोजकों ने कांवड़ शिविर लगाने की तैयारियां शुरू कर दी है। ज्यादातर कांवड़ शिविरों का उद्घाटन 20 और 21 जुलाई को होगा।