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Shamli: किशोरी के साथ दुष्कर्म के मुजरिम को 10 साल कठोर कारावास, भाई के खिलाफ नहीं मिले साक्ष्य

Wed, 06 Mar 2024 08:12 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

शामली में  किशोरी के अपहरण के मामले में दोषी को 10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। मुजरिम का दूसरा सगा भाई साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
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दुष्कर्म के दोषी को कारावास। - फोटो : social media
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विस्तार
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कैराना में किशोरी को अपहरण करके ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध पाये जाने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पोक्सो) मुमताज अली ने मुजरिम मोनू पाल निवासी नैनसोब थाना नागल जनपद सहारनपुर को 10 साल कठोर कारावास व 30 हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर 5 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मुजरिम मोनू पाल के सगे भाई सोनू पाल को साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) संजय चौहान व विशेष लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र मलिक ने बताया कि 9 सितंबर 2019 की दोपहर करीब 12 बजे थाना थानाभवन क्षेत्र के एक गांव में 17 वर्षीय किशोरी गांव के बाहर कूड़ा डालने गई थी। इसी दौरान दो सगे भाई मोनू पाल व सोनू पाल किशोरी को जबरदस्ती बाइक पर बैठा कर ले गये। किशोरी के पिता ने थाना थानाभवन पर रिपोर्ट दर्ज करायी थी।

पुलिस ने किशोरी को बरामद करके उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए जहां किशोरी ने नशीला कपडा सुंघा कर दुष्कर्म किए जाने की बात कही। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की और से 6 गवाह पेश किए गये।
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आरोपी सोनू पाल के अधिवक्ता ने घटना के समय के सोनू पाल के मुम्बई में होने के सबूत के तौर पर फोटो पेश किए। जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए आरोपी सोेनू पाल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया, जबकि अपहरण व दुष्कर्म को दोष सिद्ध पाये जाने पर मुजरिम मोनू पाल निवासी निवासी नैनसोब थाना नागल जनपद सहारनपुर को 10 साल कठोर कारावास व 30 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदण्ड अदा नही करने पर 5 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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