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शाकंभरी देवी मंदिर में नहीं मिली आरती की अनुमति

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देवबंद/ बिहारीगढ़/ मिर्जापुर/ रामपुर मनिहारान/ गंगोह/नकुड़(सहारनपुर)। 51 शक्तिपीठों में से एक श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर, सिद्धपीठ शाकंभरी देवी, डाट काली मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों के कपाट सोमवार को माता रानी की पूजा अर्चना उपरांत श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। हालांकि पहले दिन अपेक्षाकृत श्रद्धालुओं की भीड़ कम रही। मां शाकंभरी माता का कपाट दोपहर बाद खुला, लेकिन आरती की अनुमति नहीं मिली।
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देवबंद में श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में उचित दूरी पर पक्के पेंट से गोले बनाए गए। सुबह साढ़े चार बजे पुजारियों ने एसडीएम देवेंद्र पांडेय, सीओ चौब सिंह व कोतवाल यज्ञदत्त शर्मा की मौजूदगी में कपाट खोले गए। मंदिर कमेटी की ओर से घंटे-घड़ियालों पर भी कपड़े बांधे गए थे। मंदिर में प्रसाद लेकर जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। श्री पंचायती ठाकुरद्वारा मंदिर, श्री बालाजी धाम, श्री राधा वल्लभ मंदिर कायस्थवाड़ा और श्री राधा रूकमणि वल्लभ मंदिर (नाभावाला) आदि मंदिरों के कपाट भी श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिए गए। शिवालिक पहाड़ियों के बीच स्थित डाट काली मंदिर के कपाट खोल दिए गए। महंत रमन प्रसाद गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में भंडारों पर रोक है। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में भी दुपहर 12 बजे मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं, हालांकि मंदिर में आरती करने की इजाजत नहीं दी गई है। मंदिर व्यवस्थापक राणा आतुल्य प्रताप सिंह ने बताया कि पहले दिन इक्का दुक्का श्रद्धालु ही पहुंच पाए। रामपुर मनिहारान और गंगोह में भी सरकार की गाइड लाइन का अनुसरण करते हुए सोमवार से नगर व क्षेत्र के धार्मिक स्थलों मंदिरों और मस्जिदों के ताले खुल गए। नकुड़ के प्राचीन नकुलेश्वर महादेव मंदिर, शिव मंदिर, झारखंडी, स्वामी जी मंदिर, हनुमान मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों के कपाट खुलने से श्रद्धालुओं में खुशी की लहर है।
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अफसरों ने बैठकें कर नियमों के पालन की दी हिदायत
रामपुर मनिहारान/ नानौता। रामपुर मनिहारान और नानौता में धर्मगुरुओं की बैठक आहूत कर एसडीएम एसएन शर्मा ने बताया कि सभी धार्मिक स्थलों में एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु एकत्रित नहीं होंगे। प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर होना जरूरी है। श्रद्धालुओं को बिना मास्क के अंदर प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। जामा मस्जिद के इमाम मौलवी जिक्रिया सिद्दीकी, ज्ञानी हरविंगदर सिंह, पंडित राजेश शर्मा, सुभाष जैन आदि रहे।
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