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Saharanpur News: युवा अवस्था से ही अपराध की दुनिया में उतर गया था शहजाद

Thu, 19 Mar 2026 01:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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छुटमलपुर। मिर्जापुर क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का इनामी शहजाद सात भाइयों में सबसे बड़ा था। वह युवा अवस्था से ही अपराध की दुनिया में उतर गया था। पशु चोरी और गोकशी के लिए वह कुख्यात था। वह गांव में कभी कभार ही आता था। हालांकि मंगलवार शाम उसे गांव में देखा गया था। शहजाद के मुठभेड़ में मारे जाने की खबर के बाद उसके भाई और परिवार के अन्य लोग पहुंचे। घर पर केवल महिलाएं थी। उन्होंने चुप्पी साध रखी थी। घर से केवल रोने की आवाजें आ रही थी। पड़ोसियों ने बताया कि शहजाद के एक भाई सरफराज की करीब 12 साल पहले गांव में हुए संघर्ष के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में शहजाद के मामा और उसके बेटे नामजद किए गए थे। शहजाद के छह बच्चे चार बेटे तथा दो बेटियां हैं। इनमें बड़ा बेटा 16 साल तथा सबसे छोटा बच्चा तीन साल का है। शहजाद के भाई कपड़े, बर्तन आदि की फेरी करते हैं।
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दोनों पुलिसकर्मियों के बाजू में लगी गोली

मुठभेड़ के दौरान सिपाही कुलदीप और सोमेंद्र को भी बाजू में गोली लगी। कुलदीप फतेहपुर थाने में तैनात है, जबकि सोमेंद्र की ड्यूटी मिर्जापुर थाने में है। दोनों पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि दोनों की हालत में सुधार है।

40 मामलों में जमानत पर बाहर था शहजाद, चार में था फरार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी शहजाद पर गोकशी, हत्या का प्रयास और गैंगस्टर के 44 मामले दर्ज थे। इसमें ज्यादातर मामले फतेहपुर थाने के थे। इसके अलावा बेहट, नागल, बिहारीगढ़ और मुजफ्फरनगर के ककरौली थाने में भी केस दर्ज थे। आरोपी शहजाद 40 मामलों में जमानत पर बाहर था, जबकि चार मामलों में वह फरार चल रहा था।
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