सभा को संबोधित करती बसपा सुप्रीमो।
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सहारनपुर में जातीय हिंसा के बाद मंगलवार को शब्बीरपुर गांव में पहुंचीं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ही यहां दंगा कराया है। सरकार के इशारे पर प्रशासन ने पक्षपात किया।
पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा भी नहीं दिया। भाजपा सरकार में दलितों का उत्पीड़न बढ़ गया है। योगी सरकार दलितों की सुरक्षा करने में नाकाम साबित हो रही है। भाजपा सरकार नफरत फैलाना बंद करे, नहीं तो दलित ही नहीं, अपर कास्ट के लोग भी भाजपा से नफरत करने लगेंगे।
इस दौरान मायावती ने पार्टी फंड से पीड़ितों को मुआवजे देने की घोषणा की। इससे पहले शब्बीरपुर जाते समय दिल्ली से सहारनपुर तक मायावती का रास्ते में मेरठ और मुजफ्फरनगर सहित जगह जगह स्वागत किया गया।
मुजफ्फरनगर में मायावती ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार दलितों के साथ अच्छा बर्ताव नहीं कर रही हैं। बीजेपी ने अतिपिछड़ों से वोट तो ले लिया, लेकिन केशव प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री नहीं बनाया।
सहारनपुर में मायावती ने कहा कि अंबेडकर जयंती पर बाबा साहब की प्रतिमा लगाकर कार्यक्रम करना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। लेकिन पांच मई को महाराणा प्रताप जयंती पर बिना अनुमति के शोभायात्रा निकाली जा रही थी।
प्रशासन दोनों को ही कार्यक्रम की अनुमति दे देता तो कोई मामला ही नहीं होता। उन्होंने कहा कि कुछ छोटे दलों ने और नेताओं ने आकर मामले को भड़काने का काम किया। वह यहां मामला भड़काने नहीं बल्कि शांत करने के लिए आई हैं। यहां के दलित, राजपूत एवं अन्य जाति के लोगों को गांव में ही रहना है। इसलिए सभी मिलजुल कर रहें।