बिहारीगढ़। मानसून से पहले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड सड़क पर पहाड़ियों के स्थिरीकरण कार्य के लिए शनिवार को कच्चे पहाड़ के एक बड़े हिस्से को हटाया गया। इससे एक साइड की सड़क बिल्कुल अवरुद्ध हो गई। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर पहले ही एनएचएआई ने एक किमी के हिस्से पर आठ मई से डायवर्जन लागू कर रखा है। इसके चलते यात्रियों को कोई परेशानी नहीं हुई।
एलिवेटेड सड़क पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। भारी मशीनरी लगा कर संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में कच्चे पहाड़ों की कटिंग और मलबा हटाने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। कॉरिडोर के उन हिस्सों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जहां बारिश के दौरान भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बना रहता है।
अधिकारियों के मुताबिक ढीली चट्टानों और मलबे को पहले ही हटाया जा रहा है, ताकि मानसून के दौरान सड़क पर आवागमन प्रभावित न हो और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वर्तमान में देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों को दाईं ओर बनाए गए वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा रहा है, जबकि देहरादून से सहारनपुर आने वाले वाहन पुराने मार्ग से गुजर रहे हैं। कार्यस्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और यातायात संचालन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण यातायात प्रभावित होता है। कई बार लंबा जाम लगने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए इस बार मानसून से पहले ही जोखिम वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर पहाड़ों की कटिंग और ढलानों को सुरक्षित करने का कार्य कराया जा रहा है।