शाकंभरी। शिवालिक पहाड़ियों और मैदानी क्षेत्रों में मंगलवार सुबह हुई भारी बारिश के चलते सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी की शाकंभरी खोल (नदी) सहित घाड़ की अन्य नदियां उफान पर रहीं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने करीब चार घंटे तक उन्हें भूरादेव पर रोके रखा। वहीं, बिहारीगढ़ क्षेत्र में हिंडन नदी में पानी आने के कारण 50 से अधिक गांवों का रास्ता बंद हो गया। बसों का आवागमन भी बंद रहा।
मंगलवार को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी होने के कारण सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु सिद्धपीठ पहुंचने लगे थे। इसी बीच सुबह 9 बजे शिवालिक क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण शाकंभरी नदी में तेज बहाव आ गया। इस पर पुलिस ने श्रद्धालुओं का आवागमन बंद कर दिया और उन्हें भूरादेव तथा जसमौर बस स्टैंड पर ही रोक दिया। करीब चार घंटे तक श्रद्धालुओं को वहीं इंतजार करना पड़ा। दोपहर एक बजे नदी का जलस्तर कम होने पर श्रद्धालुओं को पैदल मां के दरबार में दर्शन के लिए भेजा गया। वहीं, अखिल भारतीय संत संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं शंकराचार्य आश्रम प्रभारी भैरवतंत्राचार्य सहजानंद जी महाराज ने भी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें और मौसम साफ होने पर ही मां के दर्शन करें।
हिंडन में उफान से दिन भर बाधित रहा सुंदरपुर मार्ग
बिहारीगढ़। हिंडन और अन्य नदियों में उफान आने पर सुंदरपुर-शाकंभरी मार्ग स्थित कुरड़ी खेड़ा और नौरंगपुर के बीच देर रात से ही आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था। नदी के दोनों ओर लोग घंटों तक पानी कम होने का इंतजार करते रहे। सुबह करीब 8:30 बजे जलस्तर कुछ कम होने पर लोगों ने जान जोखिम में डालकर नदी पार की। लगातार बारिश के कारण बिहारीगढ़ से बेहट जाने वाली बसों का संचालन भी दिनभर बंद रहा। इससे करीब 50 गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, पुराने दिल्ली-देहरादून मार्ग पर मोहंड के निकट मंगलवार सुबह तेज बारिश के चलते करीब 10 बजे एक विशाल पेड़ सड़क के बीचों-बीच गिर गया। इससे मोहंड और सोढ़ी नगर के बीच आवागमन बाधित हो गया।
बारिश में डूबा कांवड़ यात्रा मार्ग, शिवभक्त परेशान
गागलहेड़ी। सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा के बीच सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। भगवानपुर रोड स्थित कांवड़ यात्रा मार्ग पर मक्का बॉस गांव के निकट भारी जलभराव हो गया, जिससे हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने बताया कि टीम भेज दी गई है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर जल निकासी कराई जा रही है।
मकानों में भरा हिंडन का पानी
छुटमलपुर। हिंडन में उफान आने से नदी का पानी गांव बुड्ढाखेड़ा पुंडीर की अनुसूचित समाज बस्ती में घुस गया। इससे मनोज कुमार, सोनू, अमित कुमार, प्रवीण, सतीश, संजय, अरविंद, नरेंद्र, विश्राम, सुनील, बाबूराम और अनिल सहित करीब तीस परिवारों के घरों में दो से तीन फीट पानी भर गया। अनाज और गृहस्थी का सामान पानी में भीगने से खराब हो गया। प्रधान गौरव पुंडीर ने बताया कि उनके गांव में तालाब पर कब्जा है, जिसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन कब्जा मुक्त नहीं कराया जा सका है। एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने बताया कि बीडीओ पुवांरका को गांव में भरे पानी को निकलवाने के लिए निर्देशित किया गया है।
बारिश से बदहाल सड़कें हुईं जलमग्न
चिलकाना। चिलकाना से नयाबांस और पटना जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नयाबांस और गांव पटना में सड़क पर पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पटनी से संगमोर जाने वाले मार्ग की हालत और भी खराब है। सोमवार को सपा नेता फरहाद आलम गाडा ने सपा कार्यकर्ताओं के साथ पटनी से संगमोर जाने वाली सड़क में बने गड्ढों में भरे पानी में धान की पौध भी लगाई थी, ताकि अधिकारियों को क्षेत्र की सड़कों की स्थिति की वास्तविकता पता चल सके।
बरसात में धंसी सड़क, हादसों का खतरा बढ़ा
सहारनपुर। बारिश के कारण शहर में कई जगह सड़क धंस गई। जैन कॉलेज रोड और आवास विकास में सड़क में चार से छह फीट चौड़े और गहरे गड्ढे बन गए। इसकी वजह से राहगीरों को बचकर चलना पड़ रहा है। उधर, घंटाघर के पास नेहरू मार्केट की ओर जाने वाली स्मार्ट रोड पर भी बीते एक महीने से गड्ढा बना हुआ था, जो बारिश के कारण और चौड़ा हो गया।