सहारनपुर के गंगोह में एसडीएम ने नगर की एक राशन की दुकान पर छापामारी की। इस दौरान अनेक कार्डधारकों ने उन्हें राशन नहीं मिलने की शिकायत की। जिस पर एसडीएम अपना आपा खो बैठे और उन्होंने राशन विक्रेता और सप्लाई इंस्पेक्टर को जमकर हड़काया।
उन्होंने राशन विक्रेता को पुलिस को सौंप दिया। उधर, एसडीएम पर स्टॉक पूरा होने के बावजूद गाली-गलौज, अभद्रता करने और जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर जनपद के तमाम राशन विक्रेेताओं ने हड़ताल की घोषणा कर दी है।
एसडीएम के रवैये को लेकर राशन विक्रेताओं और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों में रोष व्याप्त है। उधर, पूर्ति विभाग के कर्मचारियों ने डीएम से मुलाकात कर हड़ताल की चेतावनी दी है।
सोमवार सुबह करीब साढे़ सात बजे एसडीएम नकुड़ मनोज कुमार अचानक मोहल्ला गुलाम औलिया स्थिति राशन विक्रेता कुमार फौजी की सस्ते गल्ले की दुकान पर जा पहुंचे। उन्होंने राशन विक्रेता को बुलाकर स्टॉक की जांच आरंभ कर दी।
छापामारी की सूचना मिलते ही वहां मोहल्लावासियों की भीड़ जमा हो गई। अधिकांश मोहल्लावासियों ने पिछले कुछ माह से राशन नहीं मिलने की शिकायत की।
इसी बीच एक सपा मंत्री के प्रतिनिधि भी वहां पहुंच गए। उन्होंने भी एसडीएम के समक्ष राशन वितरण में धांधली के आरोप लगाए। जिसके बाद एसडीएम ने राशन विक्रेता के साथ अभद्रता शुरू कर दी।
इतना ही नही बल्कि विक्रेता को पुलिस को सौंपते हुए कोतवाली भिजवा दिया। उन्होंने पूर्ति निरीक्षक को भी फोन पर हड़काया। इसके बाद एसडीएम कोतवाली पहुंचे और राशन विक्रेता के ब्यान दर्ज कर उसे छोड़ दिया गया।
उधर, मामले को लेकर पूरे जनपद के विक्रेताओं और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों में रोष व्याप्त हो गया। उत्तर प्रदेश ग्रामीण उचित दर राशन विक्रेता एसोसिएशन के बैनर तले जनपद के तमाम राशन विक्रेताओं ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए हड़ताल की घोषणा कर दी।
उनका कहना था कि दुकान में स्टॉक पूरा होने के बावजूद एसडीएम द्वारा सार्वजनिक रूप से राशन विक्रेता और आपूर्ति निरीक्षक को अपमानित किया गया है। एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुवलाल यादव ने बताया कि कर्मचारियों ने अपमानजनक माहौल में काम करने पर असमर्थता जताई है। हड़ताल की चेतावनी भी दी है।
राशन विक्रेता कुमार फौजी ने धांधली के आरोपों को नकारते हुए बताया कि शासन द्वारा कुल कार्डों के सापेक्ष मात्र करीब 35 प्रतिशत कार्डधारकों को ही पात्र गृहस्थी की सूची में शामिल किया गया है।
जबकि मोहल्ले में लगभग 90 प्रतिशत कार्डधारक पात्रता की श्रेणी में आते है। ऐसी स्थिति में केवल सूचीबद्ध कार्डधारक को ही राशन का वितरण किया जा सकता है।