सहारनपुर। महानगर के 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में देने पर कार्यकारिणी समिति ने मुहर लगा दी। इसके बाद नगर निगम को इसके बाद नगर निगम के पास केवल 12 वार्डों का काम रह जाएगा।
कार्यकारिणी समिति की बैठक महापौर डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में दोपहर 12 बजे से नगर निगम के शाकंभरी सभागार में हुई। प्रस्ताव संख्या 85 चर्चा का मुख्य कारण रहा, जिसमें महानगर के 70 वार्डों में से 58 की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में देने की बात कही गई है। इसे लेकर समिति सदस्यों ने अपने-अपने तर्क दिए। पार्षद मंसूर बदर ने कहा कि नगर निगम सफाई व्यवस्था पर साल में करीब 45 करोड़ रुपये खर्च करता है।
इसमें 36 करोड़ रुपये वेतन के रूप में और करीब सात करोड़ रुपये डीजल पर खर्च होते हैं, लेकिन 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था 78 करोड़ रुपये से होगी, जो समझ से परे है, जबकि नगर निगम की गृहकर, जलकर आदि से कमाई ही 35 से 40 करोड़ रुपये है। सीएलसी के तहत रखे गए 1600 सफाई कर्मचारियों का भविष्य क्या होगा, इस पर भी चर्चा की गई। महापौर और नगर आयुक्त शिपू गिरि ने अपना तर्क दिया। इसके बाद प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। इसके अलावा गृहकर एवं जलकर जमा कराने पर 20 फीसदी की छूट का मामला भी उठा। इस पर पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने भी अपना पक्ष रखा।
यह मुद्दे भी उठाए गए
-मंसूर बदर और अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने जोनल व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जोन दो और तीन में अतिरिक्त खिड़की खुलवाने की मांग की।
-26 मई को ईदुल अजहा के लिए महानगर की पथ प्रकाश, पेयजल और सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने की मांग।
-गर्मी को देखते हुए फेल हुए वार्ड 43, 49, 62, 70 के मिनी नलकूपों को ठीक कराने की मांग की।
-आनंद नगर के पार्क के सुंदरीकरण की मांग।
-गृहकर एवं जलकर में 20 फीसदी छूट का प्रस्ताव रखा।
यह भी प्रस्ताव हुए पारित
-स्मार्ट सिटी योजना के तहत नूरबस्ती में बने ओल्ड ऐज होम का नाम संत शिरोमणि रविदास के नाम पर रखा जाए।
-लेबर कॉलोनी में लेबर कोर्ट के पास रामलीला मैदान को जाने वाली सड़क के शुरू में शहीद जसबीर सिंह के नाम का गेट बनाया जाए।
-पार्कों के रख रखाव के लिए उद्यान अनुभाग के लिए निर्धारित तीन करोड़ के बजट पर पुनर्विचार किया जाए।