पंकज कक्षा 12 का छात्र था। 30 सितंबर को पंकज लापता हो गया और तीन अक्तूबर को देवबंद क्षेत्र में काली नदी में उसका शव पड़ा मिला था। चाकू से गले और सीने पर वार कर पंकज की हत्या की गई थी।
मृतक के पिता की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर वारदात के खुलासे के लिए पुलिस टीम को लगाया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की। अनुराग उर्फ रितिक पुत्र नेताब सिंह निवासी गांव कान्हाहेड़ी थाना चरथावल मुजफ्फरनगर और उसके दोस्त उज्जवल धीमान पुत्र संजय धीमान निवासी गांव कुरलकी कोतवाली देबवंद को अंबेहटा-देवबंद रोड से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त चाकू और बाइक बरामद हुई।
ऐसे दिया था हत्याकांड को अंजाम
पूछताछ में अनुराग ने बताया कि पंकज उसके तहेरा भाई था। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके ताऊ रमेश के पास आठ बीघा भूमि है, जिसकी कीमत 80 लाख रुपये है। ताऊ उस पर बहुत भरोसा करते थे। उसे मालूम था कि अगर पंकज को रास्ते से हटा दिया जाए तो ताऊ अपनी भूमि उसके नाम कर देंगे। इसीलिए उसने पंकज की हत्या करने का प्लान बनाया।
इस काम में उसने अपने दोस्त उज्जवल को भी शामिल किया। हत्या के बदले उज्जवल को दो लाख रुपये देना तय हुआ था। हत्या से एक दिन पहले पंकज को फोन कर उसने मां बाला सुंदरी मंदिर के मेन गेट पर बुलाया था। वह और उसका साथी बाइक से वहां पहुंचे थे। वह पंकज को अपने साथ ले गए और काली नदी के पास ले जाकर चाकू से गर्दन और छाती पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह वापिस अपने गांव लौट गए थे।
ऑनलाइन मंगाया था चाकू
अनुराग कई दिनों से पंकज की हत्या करने की साजिश रच रहा था। हत्या के लिए उसने चाकू भी ऑनलाइन बुक कराकर मंगवाया था। वारदात के बाद आरोपियों ने चाकू को जंगल में दबा दिया था।
इसके साथ ही आरोपियों ने अपने कपड़े बदले और पुराने कपड़ों को जला दिया था। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस 500 से अधिक सीसीटीवी चेक किए। आरोपियों ने पंकज की गर्दन पर दस से अधिक वार कर रखे थे।