सहारनपुर। नगर निगम ने सहारनपुर को रेबीज फ्री शहर बनाने की कवायद शुरु कर दी है। इसके लिए श्वानों (कुत्तों) को एंटी रेबीज की बूस्टर डोज लगवाई जाएगी। साथ ही बीमार और घायल कुत्तों के लिए भी नगरायुक्त ने शैल्टर होम बनाने के निर्देश दिए।
जिला स्तर पर हाल ही में नगर आयुक्त की अध्यक्षता में स्थानीय पशु जन्म नियंत्रण निगरानी समिति का गठन किया गया था। निगरानी समिति की बुधवार को हुई बैठक में नगर आयुक्त ने उक्त निर्देश दिए। निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने नगर आयुक्त को बताया कि अक्तूबर 2025 तक नगर निगम द्वारा 23,448 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी हैं। डब्लयूएचओ के अनुसार प्रति सौ व्यक्ति पर तीन कुत्तों का आंकड़ा हैं। यदि सहारनपुर की जनसंख्या दस लाख मान ले तो 30 हजार कुत्तों की संख्या होती है।
इसमें प्रत्येक दो वर्ष में होने वाली 25 प्रतिशत की वृद्धि और बफर जोन के कुत्तों की संख्या भी शामिल करते हैं तो ये आंकड़ा और बढ़ जाता है। इस दृष्टि से अभी काफी कुत्तों की नसबंदी करायी जानी बाकि है। एंटी रेबीज टीकाकरण के संबंध में डॉ. मिश्रा ने बताया कि जितने कुत्तों की नसबंदी की गई है उन सभी कुत्तों का एंटी रेबीज टीकाकरण किया गया है। टीकाकरण हर वर्ष होना चाहिए। नगर आयुक्त ने शहर में बनाए जाने वाले डॉग फिडिंग प्वाइंट के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।