बच्चों को टक्कर मारने वाली कार के साथ चालक।
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देवबंद के भायला गांव के दो बच्चों की मौत का पुलिस ने एक सप्ताह बाद खुलासा कर दिया। आंखों पर तेज लाइट पड़ने के कारण दोनों बच्चों को कार से टक्कर लगी थी। घटनास्थल से मिले कार के टूटे पार्ट्स और सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने इस गुत्थी का सुलझा दिया। साथ ही हरिद्वार के थाना ज्वालापुर के रहने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
31 अक्तूबर को भायला गांव में घर से पूजा करने निकले करण (11) और चचेरी बहन अवनी (7) के शव सड़क किनारे पड़े मिले थे। दोनों बच्चों के शरीर की कई जगह से हड्डियां टूटी हुई थीं। घटना वाले दिन भारी संख्या में ग्रामीणों ने तंत्र-मंत्र के चक्कर में उनकी हत्या करने का आरोप लगाते हुए मार्ग जाम कर दिया था। इतना ही नहीं, दबाव में आई पुलिस ने मामले में हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज की थी। हालांकि शुरुआत से ही पुलिस हिट एंड रन के बिंदु पर जांच को आगे बढ़ा रही थी।
इस तरह आरोपी तक पहुंची पुलिस
बुधवार को एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि खुलासे के लिए टीम गठित की गई थी। घटनास्थल से बरामद हुए कार के टूटे पार्ट्स और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से मिले कार के नंबर से पुलिस उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार तक जा पहुंची। यहां थाना ज्वालापुर के न्यू रामनगर कॉलोनी आर्य नगर चौक से पुलिस ने वरना कार संख्या यूके 08 यू 9100 को बरामद किया। जिसका अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला। पुलिस ने घटनास्थल पर मिले पार्ट्स के रंग से कार का मिलान किया, जो सही मिला।
इसके बाद चालक शिवम शर्मा उर्फ कुनाल को गिरफ्तार किया है। एसपी देहात ने बताया कि पूछताछ में शिवम ने बताया कि घटना वाले दिन वह परिवार के साथ कस्बा नानौता में दीवाली की पूजा करने आया था। लौटते समय अचानक सामने से आए वाहन की तेज लाइट आंखों पर पड़ने के कारण बच्चों को नहीं देख सका और गाड़ी उनसे टकरा गई। डर की वजह से वह फरार हो गया था।