साइबर पोर्टल एनसीएमईसी (नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रेन) से बाल अश्लीलता के वीडियो और फोटो को लेकर साइबर क्राइम थाना को जांच मिली थी। जांच के दौरान सामने आया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम मैसेंजर के माध्यम से आपत्तिजनक फोटो और वीडियो साझा किए गए हैं।
पुलिस ने गांव में जाकर छानबीन की, जिसमें पता चला कि आईपीडीआर के माध्यम से जो मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए थे, वह इन दोनों आरोपियों के नाम पर पंजीकृत हैं। साइबर क्राइम इकाई की तरफ से प्रकरण से जुड़े कागजात, मेटा की रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज रामपुर मनिहारान थाना पुलिस को भेजे गए, जिसके बाद आरोपी कैलाशचंद और सोनू कपिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।
बता दें, कि शुक्रवार को भी बिहारीगढ़ थाने में बाल अश्लीलता का मामला आया था। उस प्रकरण में पुलिस ने टांडा मान सिंह गांव निवासी आरोपी सुल्तान और जुल्फान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली थी, जिस तरीके से जिले में बाल अश्लीलता के मामले सामने आ रहे हैं वह बेहद गंभीर है। हालांकि पुलिस इन पर शिकंजा भी कस रही है।
ये बोले एसपी
बच्चों की अश्लील वीडियो शेयर करने का मामला गंभीर है। दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। फिलहाल जांच जारी है।
- व्योम बिंदल, एसपी सिटी
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