बरेली से स्मैक की खेप लेकर आए दो नशा तस्करों को तीतरो पुलिस और एएनटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से दो किलो 83 ग्राम स्मैक बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 4.16 करोड़ रुपये है। पुलिस जांच में सामने आया कि तस्कर आस मोहम्मद के सगे बहनोई ने मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
पुलिस लाइन में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि तीतरो थाना प्रभारी सचिन पूनिया के नेतृत्व और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने रविवार रात चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गढ़ीपुख्ता रोड से शोएब निवासी तितरवाड़ा थाना कैराना शामली और आस मोहम्मद उर्फ आशु निवासी नवाजपुर थाना नकुड़ को गिरफ्तार किया है। तलाशी में इनके कब्जे से दो किलो 83 ग्राम स्मैक, दो मोबाइल और 5600 रुपये बरामद हुए। बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 4.16 करोड़ रुपये है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एक साथी के कहने पर वह बरेली से स्मैक लेने गए थे। साथी ने उन्हें पैकेट में बंद नकदी दी थी, जिसे बरेली में उसके बताए व्यक्ति को सौंपा गया। इसके बाद उस व्यक्ति ने दोनों को अलग-अलग एक-एक किलो स्मैक के पैकेट दिए। आरोपियों का तीसरा साथी आस मोहम्मद का सगा बहनोई है। उसी ने दोनों को मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे। पुलिस इस साथी समेत पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।
कौन है स्मैक देने वाला तस्कर
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरेली में उन्हें स्मैक देने वाला व्यक्ति कौन है और खेप की आगे कहां आपूर्ति की जानी थी। बरामद मोबाइल फोन से भी कॉल डिटेल निकाली जाएगी। पता लगाया जाएगा कि तस्करों की किस नंबर पर अधिक बात होती थी। इसके साथ ही उनके मोबाइल में किनके नंबर हैं।
पहले भी दर्ज है नशा तस्करी का मुकदमा
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि शोएब के खिलाफ वर्ष 2025 में थाना गंगोह में एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा दर्ज है। वहीं, आस मोहम्मद के खिलाफ लक्सर, हरिद्वार में भी मुकदमा दर्ज है। दोनों के खिलाफ तीतरो थाने में वर्तमान मुकदमा दर्ज किया गया है।