पुलिस और नारकोटिक्स ने शहजाद उर्फ कालू, नजराना और साकिर को गिरफ्तार किया है। ये लोग बरेली से इमराना नाम की महिला से स्मैक लाते थे। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल होने वाली कार और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
कोतवाली मंडी, जनकपुरी पुलिस, नारकोटिक्स और एसओजी टीम ने 6.10 करोड़ रुपये की स्मैक के साथ एक महिला समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से तीन किलो 303 ग्राम स्मैक और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली कार व चार मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस जांच में सामने आया है कि नशा तस्कर शहजाद बरेली रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाली एक महिला से स्मैक लाता था।
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पुलिस लाइन में एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि कोतवाली मंडी पुलिस, नारकोटिक्स, सर्विलांस और एसओजी की टीम ने बाबा लालदास रोड स्थित श्मशान घाट के पास से शहजाद उर्फ कालू व नजराना को गिरफ्तार किया। शहजाद से 515 ग्राम और नजराना से 513 ग्राम स्मैक मिली है। तस्करी में इस्तेमाल कार और तीन मोबाइल फोन भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि बरेली रेलवे स्टेशन के पास से इमराना नाम की महिला से स्मैक खरीदते थे। महिला हर बार स्टेशन के आसपास ही मिलती थी। इमराना के सही नाम, पते और मोबाइल नंबर की जानकारी नहीं है। इसके बाद स्मैक को छोटी-छोटी मात्रा में नशे के आदी और जरूरतमंद लोगों को बेचते थे।
बुधवार को भी दोनों स्मैक लेकर नाजिम कॉलोनी स्थित अपने घर जा रहे थे। वहीं, जनकपुरी पुलिस ने रजबहे की पटरी पर चकहरेटी के पास से नशा तस्कर साकिर निवासी मोहल्ला तकिया को गिरफ्तार किया है। इसके पास से दो किलो 24 ग्राम स्मैक, एक मोबाइल फोन, 300 रुपये नकदी बरामद हुई। इसकी कीमत करीब 4.04 करोड़ रुपये आंकी गई है।
तस्कर शहजाद शामली का टॉप-10 अपराधी
एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि गिरफ्तार शहजाद उर्फ कालू शामली जिले का हिस्ट्रीशीटर और टॉप-10 अपराधी है। उसके खिलाफ शामली और मुजफ्फरनगर में हत्या के प्रयास, चोरी, हथियार, गैंगस्टर समेत विभिन्न धाराओं में करीब 18 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं नजराना के खिलाफ भी मिर्जापुर थाने में एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा दर्ज है।
बरेली से सहारनपुर तक नेटवर्क की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरेली से स्मैक की आपूर्ति करने वाली इमराना कौन है और उसके पीछे कौन लोग हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस नेटवर्क खंगालकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि स्मैक कहां से आती थी और सहारनपुर में किन लोगों तक पहुंचाई जाती थी।