पुलिस ने जीशान, उसकी पत्नी तबस्सुम उर्फ काली और संजीदा को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1.020 किलो स्मैक बरामद की गई है। ये स्मैक कहां से लाई गई और कहां सप्लाई की जानी थी, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
चिलकाना पुलिस, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त टीम ने 2.05 करोड़ की स्मैक के साथ किंगपिन समेत तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक किलो 20 ग्राम स्मैक बरामद हुई है। पुलिस ने अब इनके नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है, जिससे नशे की खेप कहां से आती थी और इसे कहां-कहां पहुंचाया जाता था, इसका पता लगाया जा सके।
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बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर रोक लगाने के लिए तीनों जिलों में ‘ऑपरेशन सवेरा' अभियान चल रहा है। इसी के तहत चिलकाना, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान फिरोजाबाद से अहाड़ी जाने वाले मार्ग से जीशान निवासी रायपुर, उसकी पत्नी तबस्सुम उर्फ काली और संजीदा निवासी थाना मिर्जापुर को गिरफ्तार किया है। जीशान के कब्जे से 290 ग्राम, तबस्सुम उर्फ काली से 455 ग्राम और संजीदा से 275 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इनके खिलाफ चिलकाना थाने में एनडीपीएस का मुकदमा दर्ज किया गया।
पुराने मुकदमों से भी जुड़े हैं आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार जीशान का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ थाना बिहारीगढ़ और मिर्जापुर में एनडीपीएस एक्ट, पशु क्रूरता अधिनियम, चोरी का माल रखने, गैंगस्टर एक्ट और अन्य धाराओं में नौ मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2026 में उसके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में भी मुकदमा दर्ज है। तबस्सुम उर्फ काली के खिलाफ भी थाना मिर्जापुर में वर्ष 2019 और 2020 में एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। वहीं संजीदा के खिलाफ वर्ष 2019 में थाना मिर्जापुर में मुकदमा दर्ज है।
नेटवर्क के तार जोड़ने में जुटी पुलिस
पुलिस की जांच केवल बरामद स्मैक तक सीमित नहीं है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्मैक की सप्लाई कहां से होती थी, कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं, खेप किस माध्यम से पहुंचती थी। किन स्थानों पर इसकी सप्लाई की जाती थी। पुलिस इनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, नशे के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।