खूंखार कुत्तों ने किस कदर आतंक मचाया हुआ है, इसका अंदाजा बुधवार को देवबंद में हुई घटना से लगाया जा सकता है। देवबंद-गंगोह बाईपास स्थित नौगजा पीर के पास कुत्तों ने अरशी जहां (16) और उसके भाई अरहम (4) समेत तीन लोगों पर हमला कर दिया। सभी गंभीर रूप से घायल हो गए।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी प्रशासन ने आज तक खूंखार कुत्तों के आतंक से लोगों को निजात दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। इसका नतीजा यह हो रहा है कि आए दिन कुत्तों के झुंड लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रुप से घायल कर रहे हैं। दो दिन के भीतर दो स्कूली छात्रों समेत पांच लोगों पर हमला कर चुके हैं।
ताजा मामला बुधवार का है। मोहल्ला नौगजा पीर निवासी शमीम का बेटा अरहम घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान दो आवारा कुत्ते वहां पहुंचे और उसके चेहरे को बुरी तरह नोच दिया। चीख सुनकर भाई को बचाने आई बहन अरशीजहां पर भी उन्होंने हमला कर दिया।
इसके बाद कुत्तों ने कुछ दूरी पर खड़े भायला रोड निवासी इनाम (42) को निशाना बनाया। जिसमें वह घायल हो गए। घायल बच्चों के पिता शमीम ने बताया कि यदि लोग बच्चों को न बचाते तो उनकी जान चली जाती। बताया कि चिकित्सक ने बेटे के चेहरे पर करीब 50 टांके लगाए हैं। जबकि बेटी की आंख की बराबर में दस से अधिक टांके लगाने पड़े।
बता, दें कि मंगलवार को भी आवारा कुत्ते ने इसी स्थान पर स्कूल जा रहे नर्सरी कक्षा के जयान (5) और उसके भाई कक्षा एक के छात्र फवाज (7) पर हमला किया था। इसमें जयान घायल हो गया था। इससे पूर्व भी आवारा कुत्तों के काटने से मोहल्ला कोहला बस्ती निवासी महताब की मौत हो गई थी। 6 नवंबर 2025 को मोहल्ला शाहजीलाल निवासी असद सिद्दीकी पर भी कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया था। 25 अगस्त 2025 को मोहल्ला खानकाह में आवारा कुत्तों के झुंड ने अहमद की बेटी सदफ (10) पर हमला किया था। जिसमें वह घायल हुई थी।