एंटी करप्शन टीम ने किसान से पांच हजार की रिश्वत लेते सर्वे लेखपाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी लेखपाल ने विरासत दर्ज कराने की एवज में किसान से दस हजार की रिश्वत मांगी थी। टीम ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया।
गंगोह के गांव कुंडा खुर्द निवासी किसान आलिम ने बताया कि दो अप्रैल को उनके दादा मंगता की मौत हो गई थी। तीन दिन पूर्व उन्होंने विरासत दर्ज कराने के लिए सर्वे सर्किल में नियुक्त लेखपाल अनुज प्रताप सिंह से संपर्क किया। सर्वे लेखपाल ने इस काम के लिए उससे दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी। लेखपाल ने पांच हजार रुपये कागजों के साथ और बाकी के पांच हजार रुपये काम होने के बाद लेने की बात कही।
किसान ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम सहारनपुर से की। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को जाल बिछाकर रुपयों पर केमिकल लगाकर दिया। वह सर्वे लेखपाल के कार्यालय में रुपये देने पहुंचा तो टीम ने लेखपाल को रंगेहाथ दबोच लिया। टीम लेखपाल को कोतवाली लेकर पहुंची। एंटी करप्शन टीम प्रभारी यशपाल सिंह ने बताया कि पकड़ा गया लेखपाल जनपद मिर्जापुर की तहसील लालगंज के गांव मंझगवा का रहने वाला है। वर्ष 2018 से नकुड़ तहसील में तैनात है।
भ्रष्टाचारियों पर कसा शिकंजा
सरकारी विभागों में भ्रष्टाचारियों पर एंटी करप्शन का लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। 29 अप्रैल को रामपुर मनिहारान तहसील में संग्रह अनुभाग के वरिष्ठ लिपिक दुर्गा प्रसाद को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। 20 दिसंबर 2024 को रामपुर मनिहारान थाने में तैनात रहे दरोगा जसवीर सिंह को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा था।