सुबह आठ बजे से ही सपा व कश्यप समाज के लोग जेल के बाहर पहुंचना शुरू हो गए थे। दोपहर करीब 12.30 बजे पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, कश्यप एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मेहरा, प्रदेश अध्यक्ष अनुज कश्यप, शीशपाल कश्यप, पूर्व प्रधान फकरेडा व सत्यपाल कश्यप बहुपुर को जेल से रिहा किया गया।
सभी कार्यकर्ताओं ने उनका फूल मालाओं से स्वागत किया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि इस सरकार में न्याय मांगना भी पाप हो गया है। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल हो गई है। एक पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाने के लिए अधिकारियों के पास किसी विपक्ष के जनप्रतिनिधि के साथ भी नहीं जा सकता। सांसद इकरा हसन प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सदैव खड़ी हैं और खड़ी रहेंगी।
बताया कि इकरा हसन देर रात पीड़ित परिवार को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास रवाना हो गई हैं। इस दौरान सपा नेता फैसल सलमानी, फरहाद गाड़ा, अभिषेक टिंकू अरोड़ा, कश्यप समाज के जिलाध्यक्ष मांगेराम कश्यप, रवि कश्यप, रोहित कश्यप, सलीम अख्तर, राहुल कश्यप, अर्जुन कश्यप, हेमंत कश्यप, हरपाल कश्यप आदि मौजूद रहे।
यह है मामला
मंगलवार को कैराना सांसद इकरा हसन शामली के जसाला में हुए मोनू हत्याकांड में डीआईजी अभिषेक सिंह से मिलने पहुंचीं थीं। उनके साथ में मृतक की मां भी थी। डीआईजी कार्यालय के बाहर सांसद की गाड़ी खड़ी होने के बाद पुलिस ने सड़क जाम करने के आरोप में उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उन्हें महिला थाना ले जाया गया। हालांकि कुछ देर बाद उन्हें तो छोड़ दिया, लेकिन पांच पदाधिकारियों को शांतिभंग में चालान करने के बाद जेल भेज दिया गया। इसी बात को लेकर सांसद ने रात साढ़े नौ बजे तक सदर थाने में धरना दिया। लिखित आश्वासन के बाद धरने को समाप्त किया था।