आदित्य की मौत की खबर मिलते ही गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। जब पुलिस शव को चिकित्सीय परीक्षण के लिए ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने विरोध करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी अशोक सिसोदिया ने ग्रामीणों को समझाया और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद स्थिति कुछ शांत हुई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आदित्य खटाना अपने परिवार में दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई भी निजी नौकरी करता है, जबकि पिता भी निजी कार्य कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आदित्य की हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल बना हुआ है।